अल्मोड़ा। साप्ताहिक अवकाश के बाद खुले अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। फिजिशियन के चारधाम ड्यूटी पर जाने से मरीजों को उपचार के लिए पांच किमी दूर बेस अस्पताल जाना पड़ा। इससे उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ा।
सोमवार को खुले जिला अस्पताल में 400 ओपीडी रही। भैंसियाछाना, धौलादेवी, हवालबाग, ताकुला, लमगड़ा, विकासखंडों के कुटौली, सिलपड़, सोमेश्वर, बाड़ेछीना, कनोली, नौगांव, कुंज, लोहना समेत विभिन्न क्षेत्रों से सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। चिकित्सक कक्ष से लेकर दवा वितरण कक्ष तक मरीजों की कतार रही। भीड़ होने से मरीजों को चिकित्सक कक्ष के बाहर इंतजार करना पड़ा। बारिश से तापमान गिरने से बुखार, सर्दी जुकाम, खांसी, पेट दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक फिजिशियन चार धाम ड्यूटी पर गए हैं। इस कारण उपचार के लिए मरीजों को पांच किमी दूर बेस अस्पताल के चक्कर काटने पड़े। इससे वह परेशान रहे।
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फिजिशियन विहीन हुआ जिला अस्पताल, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
बागेश्वर। जिला अस्पताल में तैनात दोनों फिजिशियनों के मौजूद न रहने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे दूर-दराज के मरीजों को फिजिशियन की सलाह न मिल पाने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में पूरा जिला पूरी तरह फिजिशियन विहीन हो गया है।
जिला अस्पताल में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सीएमएस भैसोड़ा के सेवाओं को अलविदा कहने की चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर वह अभी अवकाश पर चल रहे हैं लेकिन बताया जा रहा है कि वह दो महीने पहले ही अपना इस्तीफा उच्चाधिकारियों को सौंप चुके थे। जिले में कोई अन्य विशेषज्ञ न होने के कारण प्रशासन और विभाग के विशेष आग्रह पर उन्होंने अप्रैल महीने तक अपनी सेवाएं दी थीं। बीते 15 अप्रैल को शासन ने पीएचसी कालाखेत में तैनात फिजिशियन डॉ. गौरव कैड़ा का स्थानांतरण जिला अस्पताल के लिए किया था। काफी पत्राचार के बाद भी जब उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया तो जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद डॉ. कैड़ा ने 30 अप्रैल को कार्यभार तो ग्रहण किया लेकिन ज्वॉइनिंग के तुरंत बाद वह भी अवकाश पर चले गए। इस स्थिति के चलते सोमवार को जिले के गंभीर मरीजों को उपचार और विशेषज्ञ परामर्श के बिना ही लौटना पड़ा।
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जिला अस्पताल में फिजिशियन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. गौरव कैड़ा को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार से डॉ. कैड़ा अस्पताल में मौजूद रहकर मरीजों का उपचार करेंगे। -डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर