सातवें वेतन आयोग में एसीपी की व्यवस्था परिवर्तित करने के विरोध में ऊर्जा निगमों की यूनियनों और एसोसिएशनों के संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर कर्मचारी और अधिकारियों ने शनिवार को विद्युत वितरण खंड अल्मोड़ा कार्यालय परिसर में धरना दिया। उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया।
धरना स्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने मांग की कि सातवें वेतन आयोग में वेतन की विसंगति को दूर किया जाए। उन्होंने 31 दिसंबर 2015 तक लागू पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत एसीपी को नौ वर्ष, 14 वर्ष और 19 वर्ष यथावत रखने की मांग की। तय हुआ कि कर्मचारी और अधिकारी शाम पांच बजे से सुबह 10 बजे तक अपने विभागीय मोबाइल फोन बंद रखेंगे और इस अवधि में कोई काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि शासन तथा प्रबंधन द्वारा विभागीय मोबाइल ऑन करने के संबंध में ऊर्जा कार्मिकों पर अनावश्यक दबाव बनाना बंद नहीं किया गया तो मंच से जुड़े सभी अधिकारी तथा कर्मचारी विभागीय मोबाइल विभाग में जमा करा देंगे।
इस सुविधा का भविष्य में उपयोग नहीं करने पर विचार किया जाएगा।
नारेबाजी करने वालों में संतोष अग्रवाल, दिव्या कांडपाल, ललित डालाकोटी, भुवन उप्रेती, दिनेश चंद्र, पंकज जोशी, मनोज उपाध्याय, सुरेश कांडपाल, कमल पांडे, मनोरंजन वर्मा, हरिशंकर बिनवाल, बंशीधर डालाकोटी, हर्ष रावत, आशा सिंह, जीवन जोशी, चंद्रशेखर आर्या, राजेंद्र बनौला, हिमांशु गोस्वामी, अंकित साह, शीला देवी, नरेंद्र सिंह बिष्ट, मंजुल बगडवाल आदि शामिल थे।