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कार्मिक विभाग ने सुनवाई की तिथि को ही डाक से भेजा पत्र

Thu, 09 Nov 2017 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को समय पर और सही सूचना प्राप्त करने का अधिकार है पर विभागीय और शासन स्तर पर लापरवाही आए दिन उजागर होते रहती है। एक मामले में कार्मिक विभाग ने सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की थी पर मजे की बात यह है कि कार्मिक विभाग की लापरवाही के चलते 26 अक्तूबर को ही देहरादून डाकघर से अल्मोड़ा के शीतलाखेत निवासी अपीलकर्ता को सुनवाई में शामिल होने संबंधी पत्र भेजा गया है। समय पर पत्र नहीं मिलने से अपीलकर्ता सुनवाई में अपना पक्ष रखने से वंचित हो गया। 
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मालूम हो कि राजकीय इंटर कालेज शीतलाखेत में कार्यरत एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक ने कार्मिक विभाग उत्तराखंड सचिवालय देहरादून में कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत में शिथिलीकरण के मामले में अपील की थी। 

कार्मिक विभाग उत्तराखंड सचिवालय देहरादून के प्रथम अपील अधिकारी/अपर सचिव सुनीलश्री पांथली ने इस मामले के सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर को सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया। प्रथम अपीलीय अधिकारी के हस्ताक्षर युक्त पत्र के पत्रांक में हालांकि 10 अक्तूबर 2017 की तिथि अंकित है। पर डाकघर देहरादून जीपीओ से यह पत्र 26 अक्तूबर को ही डिस्पैच हुआ है।
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लिफाफे में देहरादून डाकघर की लगी मुहर में 26 अक्तूबर की तिथि अंकित है। यह पत्र पाठक को 30 अक्तूबर को मिला। जिससे वह सुनवाई में शामिल नहीं हो सके। पाठक ने आरोप लगाया है कि शासन कर्मचारियों के प्रोन्नति शिथिलीकरण के मामले में सही सूचना नहीं दे रहा है। जब इस मामले में सुनवाई के लिए अपील की गई तो कार्मिक विभाग द्वारा भी सुनवाई के लिए भेजा गया पत्र सही समय पर नहीं भेजा गया।
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