फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्यशाला में वैवाहिक संस्कार में गाए जाने वालों की प्रस्तुति दी

विज्ञापन
भिकियासैंण में आयोजित कार्यशाला में मौजूद महिलाएं। - फोटो : ALMORA
विज्ञापन
वैवाहिक संस्कार में गाए जाने वालों की प्रस्तुति दी
विज्ञापन

नई पीढ़ी के लोगों को भी मंगल गीत सीखने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली एवं नव जीवन सोसायटी अल्मोड़ा की ओर से आयोजित उत्तराखंड के संस्कार गीतों पर आधारित शगुन आखर की कार्यशाला में दूसरे दिन वैवाहिक संस्कार में गाए जाने वाले मंगल गीतों की प्रस्तुति दी गई।
विज्ञापन

नगर के नर सिंह बैंकट हाल में आयोजित कार्यक्रम में नव जीवन सोसायटी के अध्यक्ष किशन सिंह बिष्ट ने कुमाऊंनी संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पुरानी पीढ़ी के मंगल गीत जानने वाले लोगों को इस विधा को नई पीढ़ी को सीखना होगा। कार्यशाला के दूसरे दिन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की स्वायत्त संस्था संगीत नाटक अकादमी दिल्ली की प्रशिक्षकों लता कुंजवाल और मीनू जोशी ने वैवाहिक कार्यक्रम में होने वाले हल्दी रस्म, सुवाल पथाई, बारात स्वागत, धूलिअर्घ, छोलिका आदान-प्रदान, कन्यादान, फेरे और विदाई के समय गाए जाने वाले संस्कार गीतों की प्रस्तुति दी और स्थानीय महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। नाटक अकादमी की टीम ने सुवाल पथाई के समय गाए जाने वाले मंगल गीत सुवा रे सुवा बरखंडी सुवा जा सुवा घर-घर न्यूत दी आ... कन्यादान का गीत लाडो को दीजो सुहाग, सुहाग अंबे गौरी... आदि मंगल गीतों को संगीत के साथ गाया। हारमोनियम पर कंचन तिवारी और तबले पर कुंदन सिंह रावत ने संगत दी। इस मौके पर उपसचिव प्रालेखन जोजफ डी राज, सलाहकार लोक एवं जन जातीय विवाह मनीष ममगाईं, नव जीवन सोसायटी के अध्यक्ष किशन सिंह बिष्ट, जुगल किशोर पेटशाली, लता कुंजवाल, मीनू जोशी, धीरेंद्र बिष्ट, दरवान सिंह बिष्ट, तारा दत्त शर्मा, मदन मेहरा, यूडी सत्यवली, मीना बिष्ट, चन्द्रा देवी, कौशल्या देवी, गीता देवी सहित स्कूली बच्चे मौजूद थे।
विज्ञापन

फोटो- (23एएलएम19पी)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें