चौखुटिया (अल्मोड़ा)। शासनादेश के बावजूद उप जिला चिकित्सालय चौखुटिया को विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिल सके हैं। एमबीबीएस डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे हैं। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। मरीजों को रानीखेत, अल्मोड़ा या फिर हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ती है।
अस्पताल में स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु व बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सामान्य सर्जन जैसे पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में अस्पताल में तैनात एमबीबीएस चिकित्सक ही मरीजों का प्राथमिक उपचार करते हैं। हालांकि आपरेशन स्वास्थ्य के बाद बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञ रोटेशन के तहत सप्ताह में तीन दिन अपनी सेवा दे रहे हैं पर मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से गर्भवतियों, नवजात शिशुओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रानीखेत, अल्मोड़ा या हल्द्वानी रेफर किया जाता है। कई बार गंभीर मरीजों की रास्ते में ही जान चली जाती है।
पहाड़ी रास्ते, सीमित परिवहन और आर्थिक तंगी के चलते कई बार मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, जिससे जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। चौखुटिया, मासी, गैराड़, बरलगांव, जौरासी, खीड़ा, तड़ागताल सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इस अस्पताल पर निर्भर हैं लेकिन यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। संवाद