दो साल पहले भी भेजा था पत्र
एएसआई ने जागेश्वर और बदरीनाथ के शिलालेखों के अनुवाद की मांग को लेकर करीब दो साल पहले भी एक पत्र एपिग्राफी शाखा को भेजा था। व्यस्तता के कारण विशेषज्ञों की टीम यहां नहीं पहुंच पाई थी लेकिन अब जल्द उसके यहां पहुंचने की उम्मीद जगी है।
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जागेश्वर और बदरीनाथ धाम के प्राचीन शिलालेखों में उत्कीर्ण लिपि के अनुवाद को लेकर कुछ दिन पूर्व ही एएसआई ने एक पत्र एपिग्राफी शाखा को भेजा है। शिलालेखों का अनुवाद होते ही उसे आम लोगों के लिए डिस्प्ले कर दिया जाएगा।
- केबी शर्मा, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद, देहरादून मंडल।