द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विकासखंड के 25 से अधिक गांवों की प्यास बुझाने वाली खिरोघाटी पेयजल योजना से लोगों को नहीं मिल पा रहा है। यह योजना आए दिन उन्हें धोखा दे रही है। फिर से योजना के पाइप फट गए हैं जिससे इन गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। इन गांवों की 12 हजार से अधिक की आबादी कड़ाके की ठंड में किसी तरह प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
द्वाराहाट विकासखंड के मल्ली मिरई, तल्ली मिरई, बुंगा, बसेरा, कुमाल्ट, किरौली, कूना, तिपौला, बाड़ी सहित 25 से अधिक गांवों के 12 हजार लोगों की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2010 में खिरोघाटी पंपिंग योजना का निर्माण किया गया। उचित रखरखाव के चलते वर्षों पुरानी योजना का साथ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। आए दिन इस योजना के पंप फुंक रहे हैं तो लाइन फट रही है जिससे लोग परेशान हैं।
दो दिन पूर्व फिर से तिपौला के पास योजना के पाइप फट गए हैं जिससे इन गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप है। नल सूखे हैं और लोग पानी के लिए समस्या का सामना कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोना पढ़ रहा है जिसके बाद उनकी जरूरत पूरी हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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कई बार कर चुके हैं पंप और लाइन बदलने की मांग
द्वाराहाट। आए दिन योजना में खराबी के चलते पानी के लिए जूझ रहे इस योजना से जुड़े लोग कई बार पंप और लाइन बदलने की मांग कर चुके हैं। इसके लिए कई बार आंदोलन भी हो चुका है लेकिन अब तक न तो पंप और न ही बदहाल लाइन बदलने के प्रयास हुए हैं। ऐसे में इस अनदेखी से क्षेत्र की बड़ी आबादी को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
योजना के पाइप पुराने हैं जो आए दिन फट रहे हैं। फटी लाइन में वैल्डिंग का काम चल रहा है। जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल होगी।
एसएस रौतेला, अपर सहायक अभियंता, जल संस्थान, द्वाराहाट।