पेयजल समस्या को लेकर आक्रोश जताते ताड़ीखेत के लोग।
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विकास संघर्ष समिति ताड़ीखेत की बैठक में जल निगम और जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश जताया गया। जनमिलन केंद्र में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व में आंदोलन के बाद विभागों के साथ जिन मुद्दों पर समझौता हुआ था, उसके प्रति दोनों विभाग उदासीन बने हुए हैं। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं होती तो पुन: आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
मालूम हो कि ताड़ीखेत क्षेत्र में पेयजल समस्या लबे समय से चली आ रही है। पूर्व में इसके लिए विकास संघर्ष समिति ने आंदोलन किया, इसके बाद जल निगम और जल संस्थान ने तमाम मांगों पर सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग मांगों को लेकर आज भी उदासीन बना हुआ है। कहा कि पानी की समस्या में थोड़ा बहुत सुधार हुआ है, लेकिन तिपौला पंपिंग योजना को मुख्य टैंक से जोड़ने, पाइप लाइनों को व्यवस्थित करने तथा एक लाख लीटर का अतिरिक्त टैंक बनाने की मांगों पर विभाग अभी भी उदासीन बना हुआ है। आंदोलन के बाद के कई दोनों विभागों के अधिकारियों से वार्ता की गई, लेकिन आज तक कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांगों पर सार्थक कार्रवाई नहीं होती तो वह लोग फिर से आमरण अनशन शुरू कर देंगे। बैठक में गोपाल सिंह अधिकारी, रमेश चंद्र जोशी, डुंगर सिंह रावत, देवेंद्र कुमार, सीबीएस मेहरा, विजय भगत, विरेंद्र नेगी, सोहन खत्री, जगदीश बिष्ट, शंकर बिष्ट, अनोप गोसांई सहित तमाम पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।