शशीखाल पंपिंग योजना ठप होने के कारण हैंडपंप से पानी भरते ग्रामीण।
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ताड़ीखेत कस्बे में पानी को लेकर क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। तीन दिनों से अनशन चल रहा है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नियमित आपूर्ति नहीं होने से परेशान लोगों ने अब स्थायी समाधान होने के बाद ही अनशन समाप्त करने का ऐलान किया है। जल संस्थान के ईई और जेई की भी आंदोलनकारियों ने एक नहीं सुनीं।
ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी के नेतृत्व में कई पंचायत प्रतिनिधि भी अब क्रमिक अनशन के समर्थन में आ गए हैं। ताड़ीखेत जन मिलन केंद्र में आयोजित अनशन के दौरान आंदोलनकारियों ने पेयजल विभागों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि कई बार पत्राचार करने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। कहा कि ताड़ीखेत कस्बे में तीन पेयजल योजनाएं संचालित हैं।
इसके बावजूद पानी नहीं मिल पा रहा है। तीसरे दिन दीपक जोशी और गिरधर खाती क्रमिक अनशन पर बैठे। इधर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश ठाकुर और अवर अभियंता केएल साह ने मौके पर पहुंचकर संघर्ष समिति और आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होेंने जल्द पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया लेकिन आंदोलनकारियों ने स्थायी समाधान होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। वहां प्रधान मंजीत भगत, चंदन बिष्ट, सतीश कुमार, बसंत उपध्याय, बसंत बिष्ट, गौरव पंत, चंद्र भानु मेहरा, डूंगर सिंह रावत आदि थे।
मौलेखाल में चौथे दिन भी नहीं हुई पेयजल आपूर्ति
मौलेखाल। क्षेत्र में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोटेश्वर शशीखाल पंपिंग योजना से चौथे दिन भी जलापूर्ति पूरी तरह ठप रही। इससे तहसील मुख्यालय व मुख्य बाजार समेत 50 से ज्यादा गांवों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। स्थानीय लोग कई किमी दूर चलकर पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारियों को सूचित किए जाने के बाद भी अभी तक हालात नहीं सुधर पाए हैं। लोगों ने मांग की है कि जल्द ही पानी की व्यवस्था सुचारु की जाए। (संवाद)
ताड़ीखेत में क्रमिक अनशन पर बैठे आंदोलनकारी। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RANIKHET