द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्वाराहाट क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक में पहुंचे सीडीओ की ओर से किसी सवाल पर आपत्ति जताने से जनप्रतिनिधि नाराज हो गए और सीडीओ के साथ उनकी नोकझोंक हो गई। इसके चलते सदन में हंगामा हो गया। विरोध में जनप्रतिनिधियों ने सीडीओ के खिलाफ नारेबाजी कर बहिष्कार किया और ब्लॉक के मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सोमवार को बीडीसी की बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल के मुद्दे छाए रहे। जल संस्थान के अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही थी। सीडीओ अंशुल सिंह भी पहुंच गए। कुछ देर बाद सांसद प्रतिनिधि कैलाश भट्ट ने अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक प्रमुख दीपक किरौला से पिछली बैठक की कार्यवाही पर सवाल किया। सीडीओ अंशुल सिंह ने आपत्ति जताई तो जनप्रतिनिधियों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान सीडीओ सदन छोड़कर चले गए जिस पर सदन में हंगामा हो गया। जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और सदन का बहिष्कार कर मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए।
सदन के अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक सीडीओ माफी नहीं मांगेंगे तब तक सदन नहीं चलेगा। सीडीओ ने खेद जताते हुए जनप्रतिनिधियों से वार्ता की और सदन सुचारू रूप से चल पाया। बैठक में पेयजल, कृषि विभाग पर जनप्रतिनिधियों ने किसान सम्मान निधि, उद्यान विभाग पर पौधों के वितरण में अनियमितता, लोनिवि विभाग पर सड़कों में लीपापोती, ग्राम्य विकास में मनरेगा में हो रही दिक्कतों को अधिकारियों के समक्ष उठाया गया। सीडीओ ने प्रत्येक शुक्रवार को ब्लॉक में अधिकारियों से उपस्थित रहकर जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को सुनने का निर्देश दिए। बिजली, पीएमजीएसवाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, वन, दुग्ध, सहकारिता, पशुपालन आदि विभागों पर चर्चा करते हुए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई।
-ये रहे मौजूद
-संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत-द्वाराहाट जयकिशन, परियोजना निदेशक चंद्रा राज, तहसीलदार लीना चंद्रा, ज्येष्ठ प्रमुख नंदिता भट्ट, बीडीओ संतोष जेठी, प्रधान संगठन अध्यक्ष नरेंद्र अधिकारी, जगदीश बुधानी, भूपेंद्र कांडपाल, कन्नू साह, प्रकाश अधिकारी, दीवान अधिकारी, मनोज मेहरा आदि।
-अपनी अपनी बात
- सदन में पिछली बैठक की कार्रवाई चर्चा करने का हक जनप्रतिनिधियों को है लेकिन अधिकारियों की ओर से उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है जो ठीक नहीं है।
कैलाश भट्ट, सांसद प्रतिनिधि, क्षेत्र पंचायत सदस्य
-सदन में अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को धैर्य पूर्वक सुना जाना चाहिए। सदन के माध्यम से ही जनप्रतिनिधि अपनी समस्याओं को रखते हैं। सदन का माहौल खराब करना ठीक नहीं है। -दीपक किरौला, ब्लॉक प्रमुख द्वाराहाट।