अल्मोड़ा। चालकों की कमी से रोडवेज बसों का संचालन पटरी पर नहीं आ पा रहा है। बसें सड़कों पर चलने के बजाय वर्कशॉप की शोभा बढ़ा रही हैं और यात्री टैक्सी में धक्के खाने को मजबूर हैं। हाल यह है कि दो माह से रोडवेज बस लमगड़ा नहीं पहुंच सकी है इससे 40 हजार की आबादी को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय से लमगड़ा, शहरफाटक, मोतियापाथर होते हुए दिल्ली रूट पर रोडवेज बस का संचालन होता है। बीते दो माह से निगम ने इस रूट पर बस का संचालन बंद कर रखा है। इससे क्षेत्र के लोग परेशान हैं। बसें वर्कशॉप से बाहर नहीं निकल पा रही है और यात्री टैक्सी में धक्के खाने के लिए मजबूर हैं। यात्रियों को 300 रुपये किराया चुकाकर हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है तब जाकर उन्हें बस नसीब हो रही है। वहीं जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए यात्री कई टैक्सी बदलने के लिए मजबूर हैं, इसके लिए उन्हें बस से दो से तीन गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। परिवहन निगम चालकों की कमी का रोना रोकर बस संचालन से हाथ पीछे खींच रहा है। संवाद
लोगों की पीड़ा
रोडवेज बस बंद होने से टैक्सी में महंगा किराया देकर हल्द्वानी जा रहे हैं। बस का संचालन शीघ्र शुरू होना चाहिए नहीं तो आंदोलन होगा।
-मनोहर सिंह, लमगड़ा।
दिल्ली रूट पर क्षेत्र से एकमात्र रोडवेज बस सेवा संचालित थी, इसे भी बंद कर दिया गया है। अब दिल्ली के लिए बस पकड़ने के लिए हल्द्वानी जाना पड़ रहा है।
- किशन सिंह, लमगड़ा।
चालकों की कमी से बस सेवाएं प्रभावित हैं। चालकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि लमगड़ा रूट पर जल्द बस सेवा संचालित होगी।
-विजय तिवारी, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।