अल्मोड़ा। नियमितीकरण सहित अन्य मांगें पूरी न होने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
मंगलवार को धरना स्थल पर हुई सभी में वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है। कई सालों से वह विभाग में सेवाएं देते आ रही है लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। मांगों को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों और सरकार तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि आशाओं का मानदेय 26 हजार रुपये किया जाना चाहिए। यदि मांगे शीघ्र पूरी न हुईं तो 29 नवंबर को दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने जिले की सभी आशाओं से दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शिरकत करने की अपील की। धरने पर विजयलक्ष्मी, मीना जोशी, आनंदी मेहरा, भगवती, कमला बिष्ट, रूपा देवी, पदमा पांडे, हेमा रानी, आयशा बेगम, गीता जोशी, इंदिरा भंडारी, पुष्पा देवी, सरोजिनी, किरण शाह, ममता वर्मा, ममता भट्ट, अंजलि, ममता आर्य, कविता, सीटू के जिला सचिव आरपी जोशी आदि बैठे।
आशा कार्यकर्ता बोलीं
विभाग में सालों से सेवा देते आ रहे हैं लेकिन नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। इससे आशा कार्यकर्ता भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रही है। जल्द नियमितीकरण किया जाए।
विजयलक्ष्मी, अल्मोड़ा।
आशाओं को बहुत कम मानदेय दिया जा रहा है। इसमें जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। आशाओं को 26 हजार रुपये मानदेय दिया जाना चाहिए तभी उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
आनंदी मेहरा, अल्मोड़ा।