अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में शटल सेवा में लगी कई टैक्सियां हादसों को दावत दे रही हैं। जल्दी सवारियां भरने की मची होड़ में श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है लेकिन प्रशासन की ओर से इन वाहनों की ओवर लोडिंग या ओवर स्पीड पर लगाम लगाने की लिए कोई भी चेकिंग व्यवस्था नहीं की जा रही है।
बताया जा रहा है कि शटल सेवा में टैक्सी लगाने के एवज में प्रत्येक चालक से रोजाना करीब डेढ़ सौ रुपये की अवैध वसूली भी हो रही है।
जागेश्वर धाम में पर्यटन सीजन के चलते आरतोला पार्किंग से करीब साढ़े तीन किमी दूर विनायक पुल तक शटल सेवा संचालित की जा रही है। ये व्यवस्था मई आखिरी पखवाड़े से शुरू करा दी गई थी। करीब 40 टैक्सियां शटल सेवा में चल रही हैं। शटल सेवा संचालित होने से जागेश्वर धाम में जाम के झाम से कई हद तक मुक्ति मिल रही है।
श्रद्धालुओं के मुताबिक जल्दी सवारियां भरने की होड़ में टैक्सी चालक सिंगल लेन जागेश्वर सड़क पर फर्राटे भर रहे हैं। कई टैक्सियों में मानकों से अधिक सवारियां ठूंसी जा रही हैं। इस अव्यवस्था से श्रद्धालुओं की जान को खतरा उत्पन्न हो रहा है। साथ ही अन्य वाहनों के लिए भी शटल सेवा में लगी तेज रफ्तार टैक्सियां खतरे का सबब बनी हुई हैं।
लिहाजा श्रद्धालुओं सहित आम लोगों ने प्रशासन से शटल में लगी टैक्सियों की सटीक निगरानी करने और मानकों का उल्लंघन करने वाली टैक्सियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।