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Almora News: गुस्साए लोगों ने उप प्रभागीय वनाधिकारी को घेरा, खरी-खोटी सुनाई

Sun, 23 Mar 2025 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट के पोखरी मल्ली गांव निवासी वृद्ध गोपाल सिंह का अधखाया शव मिलने की खबर के बाद घटनास्थल पर पहुंची उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर का सरपंच संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घनानंद शर्मा और अन्य ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। ग्रामीणों का दावा था कि तेंदुए ने ही वृद्ध को मारा है।
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वृद्ध की संदिग्ध हालात में मौत की सूचना पर प्रशासन, पुलिस व फॉरेस्ट के अधिकारी व कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंचे थे। वन विभाग की टीम तो पिंजरा लेकर पहुंची थी। उन्हें भी सूचना मिली थी कि तेंदुए ने वृद्ध को निवाला बनाया है। लोगों ने घेराव करते हुए उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर को खूब खरी-खोटी सुनाई।

ग्रामीणों का कहना था कि सल्ट के पूरे क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुओं का आतंक है। कई बार इन्हें पकड़ने की मांग की जा चुकी है, मगर वन विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ा। आज जब एक व्यक्ति की जान जा चुकी है, तब जाकर वन विभाग पिंजरा लेकर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विचरण कर रहे तेंदुओं की संख्या करीब 40 होगी। उन्होंने कहा कि यदि आतंक फैलाने वाला तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वनाधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को बमुश्किल समझाया।
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श्याम सिंह के पहुंचने से पता चली घटना

जानकारी के मुताबिक गोपाल सिंह ने अपना मकान दिल्ली में रहने वाले गांव के ही एक व्यक्ति को बेच दिया है। जिन्हें मकान बेचा गया है, उन्होंने मकान की साफ-सफाई के लिए गांव के श्याम सिंह को कहा था। श्याम सिंह रविवार सुबह वहां पहुंचे तो उन्हें दरवाजा खुला मिला और बाहर तक खून के धब्बे दिखे। वह घबराकर दबे पांव लौटे और इसकी सूचना ग्रामीणों और परिजनों को दी। ग्रामीणों ने अंदर देखा तो कमरे के एक कोने में गोपाल सिंह का नोंचा हुआ शव पड़ा था। कमरे से सड़ांध आ रही थी। तब इसकी सूचना वन विभाग व प्रशासन को दी गई।

पहरे के लिए घर में अकेले रहते थे बुजुर्ग, पत्नी रहती है मूल गांव वाले घर में



मामले के मुताबिक गाम सभा पोखरी मल्ली के तोक मनराल टनोला निवासी गोपाल सिंह का एक मकान मरचूला-मौलेखाल मोटर मार्ग पर सड़क किनारे वैला ढैया नामक स्थान पर है। इसमें सड़क की ओर दुकानें हैं और पिछले हिस्से में आवासीय कमरे हैं। इसी मकान की पहरेदारी के लिए वह अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी पुराने मकान में मूल गांव मनराल टनोला में रहती है। वह एक दो सप्ताह में मूल गांव जाते थे। उनका बड़ा बेटा सुरेंद्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है और कोरोनाकाल में छोटे बेटे का निधन हो गया था। एक विवाहित बेटी है।
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