अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना और कुमाऊं विश्वविद्यालय के नौ परिसर और महाविद्यालयों में संचालित विधि कक्षाओं में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की रुचि कम हो रही है। एलएलबी, एलएलएम की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए 1790 सीट के सापेक्ष केवल 981 अभ्यर्थियों ने ही पंजीकरण किया है। पंजीकरण कम होने से सात केंद्रों की जगह अब तीन केंद्रों पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा होगी।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को इस वर्ष उत्तराखंड में विधि की संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए नोडल नामित किया गया है। ऐसे में अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत जिले के अभ्यर्थियों के प्रवेश अधिक होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। सोबन सिंह जीना विवि और कुमाऊं विवि के अधीन नौ परिसर और महाविद्यालयों में एलएलबी पाठ्यक्रम में सिर्फ 981 अभ्यर्थियों ने ही पंजीकरण किया है।
दो और तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में 1590 के सापेक्ष 840 जबकि एलएलएम दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 200 के सापेक्ष 141 पंजीकरण हुए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पंजीकरण कम होने से अब सोबन सिंंह जीना परिसर, एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी और पिथौरागढ़ परिसर में ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। संवाद
चार परीक्षा केंद्र किए कम
अल्मोड़ा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण कम होने से गोपेश्वर, ऋषिकेश, नैनीताल और काशीपुर परीक्षा केंद्र हटा दिए गए हैं। परीक्षा 27 जून को तीन परीक्षा केंद्रों में होगी। अभ्यर्थी समर्थ पोर्टल से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए कम पंजीकरण हुए हैं। पूर्व में सात परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होनी थी। पंजीकरण कम होने से अब केवल तीन परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षा होगी।
-प्रो. पीएस बिष्ट, नोडल अधिकारी, विधि प्रवेश परीक्षा, एसएसजे विवि, अल्मोड़ा।