बागेश्वर/कपकोट/गरुड़। जिले में बीते दिनों से हो रही लगातार बारिश से राहत मिली। दिन भर धूप खिलने से आपदा-राहत बचाव के कामों में तेजी आई। उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। जिले की छह सड़कों में यातायात बाधित रहा।
बुधवार से जिले की छह सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार खड़लेख-भनार, कपकोट-पोलिंग, चेटाबगड़, कपकोट-पिंडारी, बदियाकोट-बोरबलड़ा, और धैना मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हैं। बागेश्वर तहसील के जेठांई निवासी नंदन सिंह, जौलकांडे निवासी जानकी देवी, अनर्सा निवासी प्रताप राम, हिम्मत राम का आवासीय मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हो गया है। बिलाड़ी निवासी रमेश राम, ड़ुंगरगांव निवासी दलीप सिंह, सुकराड़ी निवासी मोहन राम, गैराड़ निवासी दर्शन सिंह और ग्वाड़ निवासी गुलाम सिंह का आंगन क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके अलावा कपकोट ब्लॉक में चीराबगड़ निवासी अमरा देवी का आवासीय मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने और प्रभावितों को मुआवजा देने की कार्यवाही गतिमान है।
तीन परिवारों ने सार्वजनिक भवनों में बिताई रात
कांडा। क्षेत्र में बारिश के चलते कई स्थानों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कांडे कन्याल गांव में खतरे की आशंका को देखते हुए तहसील प्रशासन ने तीन परिवारों को गांव के सार्वजनिक भवनों में शिफ्ट किया।
कांडे कन्याल के ग्राम प्रधान गौरव पंत ने बताया कि तहसील मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत कांडेकन्याल के चनैत तोक में मदन राम, प्रकाश राम और रेखा के झार के समीप भूस्खलन होने से परिवार खतरे की जद में आ गए। उन्होंने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को दी। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की। सूचना के बाद मंगलवार देर रात राजस्व उपनिरीक्षक कुंदन मेहता पहुंचे। उन्होंने तीनों परिवारों को गांव के पंचायत घर और डाक बंगले में शिफ्ट किया। बुधवार सुबह बारिश रुकने के बाद सभी आपदा प्रभावित अपने घरों को लौट आए। जबकि उनके रहने के लिए सार्वजनिक भवनों में व्यवस्था की गई थी। तहसीलदार नीतिशा आर्या ने टीम के साथ गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावितों को सार्वजनिक भवनों में सुरक्षित रहने की हिदायत दी। संवाद