चौखुटिया (अल्मोड़ा)। छात्र संख्या कम होने से निकट के दूसरे विद्यालय में विलीन किए गए राजकीय प्राथमिक विद्यालय धामदेवल को पुन: संचालित करने की मांग उठ रही है। इस विद्यालय में फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 13 बच्चे पढ़ रहे हैं परंतु शासन से संचालन की अनुमति न मिलने से अभिभावक परेशान हैं। अभिभावकों ने बीईओ को सौंपे ज्ञापन में एक माह में सरकार से अनुमति न मिलने पर आंदोलन की बात कही है।
वर्ष 1934 में स्थापित राप्रावि धामदेवल छात्र संख्या कम होने से 2019 में बंद हो गया था। इस विद्यालय को निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय कारचूली में विलीन कर दिया गया था। इस बीच पिछले दो सालों से छात्र संख्या दहाई में पहुंचने के बाद अभिभावकों व क्षेत्रीय जनता की मांग पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्कूल तो संचालित हो गया परंतु शासन से पुन: मान्यता न मिलने से कागजों में उक्त विद्यालय कारचूली के नाम से ही चल रहा है। स्थानीय जनता का कहना है कि वर्तमान में विद्यालय में 13 छात्र पढ़ रहे हैं। लिहाजा स्कूल को स्थायी तौर पर चलाने की अनुमति दी जाए। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में मंगलवार को बीईओ चंदन सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में बीडीसी सदस्य बीजेंद्र सिंह नायक, खीमसिंह, कृपाल सिंह नायक, प्रकाश लखेड़ा, हरीराम, गंगा देवी व हीरादेवी आदि शामिल थे।
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जनता की सुविधा को देखते हुए विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर प्राथमिक विद्यालय धामदेवल का संचालन तो किया जा रहा है परंतु स्थायी तौर पर संचालन की अनुमति शासन स्तर से ही मिल सकती है। इसको लेकर विभाग ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है।
-चंदन सिंह बिष्ट, बीईओ चौखुटिया