अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएस) के माध्यम से जिले के युवा बेरोजगार को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना आखिरकार धरातल पर उतरी है। लंबे समय बाद पोर्टल डिजाइन होने से इच्छुक युवाओं का इंतजार खत्म हुआ। अब युवा बंजर भूमि पर सोलर प्लांट स्थापित कर यूपीसीएल को 25 साल तक बिजली बेच कर अच्छी आय अर्जित कर सकेंगेे। इसके साथ ही जिले में बिजली की खपत भी कम होगी।
उरेडा के माध्यम से निजी भूमि और बंजर पड़ी भूमि को लीज पर लेकर वहां सोलर प्लांट स्थापित कर बेरोेजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना है। तीन महीने से अधिक समय के बाद पोर्टल डिजाइन किया गया। पोर्टल शुरू होने से युवाओं को अब रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है। इस योजना के तहत युवा 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट के सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। चयन होने पर आवेदक यूपीसीएल को 25 साल तक 4.49 की दर से बिजली बेच कर 15000 से अधिक की आय (मासिक) अर्जित कर सकेंगे। पोर्टल के माध्यम से ही आवेदक मनचाही सोलर कंपनियों का चुनाव कर सकेंगे।
बंजर पड़ी भूमि से होगी आय
अल्मोड़ा। जिले में बंजर पड़ी भूमि भी आय का साधन बनेगी। युवा लीज पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए भूमि लेंगे। इससे भूमि स्वामियों को अपनी बंजर पड़ी जमीनों से भी हर महीने आय होगी। जिन आवेदकों की खुद की जमीन लंबे समय से बंजर पड़ी है उसका भी सदुपयोग हो सकेगा।
उद्योग विभाग से मिलेगा ऋण
अल्मोड़ा। पंजीकरण होने के बाद उद्योग विभाग आवेदकों के आवेदनों को बैंक को हस्तांतरित करेगा। बैंक से ऋण स्वीकृत होने पर उरेडा चयनित स्थानों पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए आवेदन यूपीसीएल को भेजेगा। इसके बाद ही युवाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
- पोर्टल डिजाइन होने पर अब सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुके हैं। जिले के इच्छुक बेरोजगार युवा इसके लिए आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
मनोज कुमार बजेठा, परियोजना अधिकारी, उरेड़ा अल्मोड़ा।