अल्मोड़ा। जिले के विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। देवदार के जंगलों से घिरे धाम में पारा तेजी से लुढ़क रहा है। हालात ये हैं कि यहां का तापमान माइनस तीन से चार डिग्री पहुंच गया है। ऐसे में यहां पानी जमने लगा है और अंगीठी जलने लगी है। यहां पहुंचे पर्यटक और पुरोहित अंगीठी के जरिए ठंड का असर कम करने में जुटे हैं।
जिला मुख्यालय से 42 किमी दूर विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित है। नवंबर माह के अंतिम दिनों में यहां मौसम में खासा बदलाव आया है। जनपद के कई हिस्सों में चटख धूप खिल रही है। वहीं यहां कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। पाला गिरने से यहां का तापमान माइनस में पहुंच गया है और पानी जमने लगा है। ऐसे में मंदिर के पुरोहितों को अंगीठी का सहारा लेकर यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को राहत पहुंचाने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों के पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। ठंड इतनी अधिक है कि उन्हें पूजा-अर्चना के बाद अंगीठी का सहारा लेना पड़ रहा है। संवाद
अब घर बैठे जागेश्वर धाम की सायंकालीन आरती में भाग ले सकते हैं भक्त
अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम की नित्य सायंकालीन आरती से भक्त अब घर बैठे-बैठे जुड़ सकते हैं। उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर हर रोज जागेश्वर धाम की सायंकालीन आरती के सीधा प्रसारण की व्यवस्था शुरू की है। जागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के प्रधान पुजारी हेमंत भट्ट ने बताया कि जागेश्वर धाम में जाड़ों के समय इन दिनों शाम करीब 5:30 बजे से सायंकालीन नित्य पूजन और उसके बाद आरती शुरू हो जाती है। उन्होंने बताया कि यूटीडीबी ने जागेश्वर धाम की सायंकालीन आरती का अपने आधिकारिक फेसबुक पेज https://facebook.com/UttarakhandTourismOfficialPage पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था शुरू की है। जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी ने कहा कि भक्त घर बैठे जागेश्वर धाम की सायंकालीन आरती में भाग ले सकते हैं। संवाद