अल्मोड़ा। भले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के साथ इन्हें बेहतर करने के दावे हो रहे हैं लेकिन कलक्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज को जोड़ने वाली बदहाल सड़क पर आवाजाही करना बीमार और तीमारदारों के लिए खतरे से खाली नहीं है। सड़क बदहाल होने से बीमार खतरे के बीच अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके बाद वे उपचार करा पा रहे हैं। इसी सड़क से हर आला अधिकारी कलक्ट्रेट और विकास भवन पहुंचते हैं और अपनी ही सड़क को ठीक नहीं करा पा रहे हैं।
कलक्ट्रेट के बिल्कुल पास से बनी सड़क मेडिकल कॉलेज को जोड़ती है। इससे आवाजाही कर बीमार और गर्भवतियां अस्पताल पहुंचते हैं। यह सड़क लंबे समय से बदहाल है। कच्ची सड़क गड्ढों और मलबे से पटी है। इस पर बीमार और गर्भवतियां खतरे के बीच सफर कर मेडिकल कॉलेज पहुंच रही हैं। तीमारदारों को भी मेडिकल कॉलेज पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों और धूल में वाहन रपटने का खतरा रहता है। इसी सड़क से मेडिकल कॉलेज और कलक्ट्रेट के आला अधिकारी भी आवाजाही करते हैं लेकिन इसे ठीक करने के प्रयास नहीं हो रहे। संवाद
गर्भवतियों को झेलनी पड़ रही है सबसे अधिक दिक्कत
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में हर रोज चार से पांच गर्भवतियां प्रसव के लिए पहुंचती हैं। गड्ढों से पटी सड़क से उन्हें एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित मेडिकल कॉलेज पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।ढलान और सड़क पर बने गड्ढों से हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है इसे अनदेखा किया जा रहा है।
कोट- सड़क सुधारीकरण को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। जल्द सड़क का सुधारीकरण होगा।
सुनील कुमार, ईई, लोनिवि, अल्मोड़ा।