अल्मोड़ा। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं नहीं सुधर पा रहीं हैं। शुभारंभ के तीन माह बाद ही यहां बारह करोड़ रुपये से स्थापित एमआरआई मशीन जवाब दे गई। उसमें प्रयुक्त हीलियम गैस लीक होने के कारण मशीन नहीं चल पा रही है। इस कारण यहां एमआरआई जांच ठप हो गई हैं और मरीज हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
जीएमसी में जुलाई में बारह करोड़ रुपये से एमआरआई मशीन स्थापित की गई थी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसका शुभारंभ किया था। तब मरीजों को उम्मीद थी अब उन्हें एमआरआई जांच के लिए हायर सेंटर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन उनकी यह उम्मीद कुछ समय बाद भी दम तोड़ गई। मशीन से हीलियम गैस लीकेज होने से इसका संचालन रोकना पड़ा है।
बीते तीन दिनों से मशीन का संचालन बंद है। इस कारण जांच नहीं हो पा रही है और मरीजों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहां हर रोज एमआरआई जांच की जरूरत वाले चार-पांच मरीज पहुंचते हैं। मशीन का साथ न मिलने से उन्हें जांच के लिए मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ रही है। संवाद
मुंबई से आएगी हीलियम गैस
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक मशीन से अचानक हीलियम गैस लीक हुई। बगैर हीलियम के एमआरआई जांच असंभव है। ऐसे में अब इसके संचालन के लिए हीलियम गैस का इंतजार है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक मुंबई से गैस मंगाई गई है। इसके जल्द यहां पहुंचने की उम्मीद है।
तीन से चार दिन तक करना पड़ सकता है इंतजार
अल्मोड़ा। एमआरआई मशीन में आई खराबी को दूर करने के लिए तकनीशियन बुलाए गए हैं लेकिन उन्हें हीलियम गैस का इंतजार है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक एमआरआई जांच शुरू होने में मरीजों को अभी तीन से चार दिन का और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन एमआरआई के स्थान पर मरीजों का सीटी स्कैन जांच कर उनके उपचार के दावे कर रहा है।
एमआरआई मशीन से हीलियम गैस लीक हो गई है, इससे इसका संचालन बंद है। जल्द ही इसका संचालन शुरू होगा। सीटी स्कैन जांच भी इसका विकल्प है। - प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।