अल्मोड़ा। नगर के आसपास के 10 गांवों की दस हजार की आबादी की प्यास बुझाने वाली खत्याड़ी पंपिंग योजना को धरातल पर उतारना चुनौती बना है। यह योजना वन विभाग की मंजूरी के चक्कर में अटक गई है। कपिलेश्वर नदी से योजना के मूल स्रोत तक सड़क न पहुंचने से योजना का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है और लोग जल्द नल से पानी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
जल संकट से जूझ रहे माल गांव, खत्याड़ी, पहल, सेनार, तलारबाड़ी, दुगालखोला, लाट, बरसीमी, देवली, चौसली सहित 10 गांवों को पानी मुहैया कराने के लिए एक साल पूर्व 26.82 करोड़ रुपये से खत्याड़ी पंपिंग योजना का निर्माण शुरू हुआ। कपिलेश्वर नदी से योजना का निर्माण होना है। निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए जरूरी दो किमी सड़क निर्माण के लिए जल निगम ने प्रस्ताव भेजा लेकिन अब तक वन विभाग से इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है, इससे मूल स्रोत में योजना का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सड़क न बनने से ट्रीटमेंट प्लांट, कुआं सहित अन्य कार्य असंभव है। ऐसे में जल निगम लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए सड़क की स्वीकृति मिलने का तो प्रभावित लोग जल्द सूखे नलों से पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद
डोलीडाना में बनना है 1700 केएल क्षमता का टैंक
अल्मोड़ा। करबला के पास डोलीडाना के जंगल में योजना के तहत 1700 केएल क्षमता का टैंक बनना है। कैंट की ओर से इसके लिए अनुमति दे दी गई है लेकिन वन विभाग की तरफ से अब तक स्वीकृति का इंतजार है। जल निगम के मुताबिक टैंक निर्माण के लिए कुछ पेड़ों का कटान होना है, जिसकी अनुमति लंबे समय पूर्व वन विभाग से मांगी गई थी। लेकिन इसकी फाइल लंबे समय से दबी है।
दिसंबर में पूरा होना था निर्माण कार्य
अल्मोड़ा। जल निगम के मुताबिक इस पंपिंग योजना का निर्माण पूरा होने का लक्ष्य इस वर्ष दिसंबर है लेकिन अब तक योजना के मूल स्रोत में कई कार्य होने हैं, जिसमें कई माह लग सकते हैं। जल निगम फिलहाल योजना के तहत ऊपरी हिस्सों में लाइन बिछाने का काम कर रहा है लेकिन तय समय सीमा में इस योजना का निर्माण कार्य पूरा होना असंभव लग रहा है। लोगों को इसका लाभ मिलने के लिए इंतजार करना होगा।
खत्याड़ी पंपिंग योजना के निर्माण के लिए कपिलेश्वर तक सड़क का निर्माण होना है। इसकी वन विभाग से स्वीकृति का इंतजार है। सड़क न होने से काम अटका है। टैंक का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। जल निगम योजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार है।- दीपक जोशी, अपर सहायक अभियंता, जल निगम, अल्मोड़ा।