अल्मोड़ा। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावों की हकीकत अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बयां कर रहा है। अल्मोड़ा नगर के बीचोबीच धारानौला क्षेत्र में एनएच गड्ढों से पटा है। इस वजह से यात्री खतरे के बीच सफर करने के लिए मजबूर हैं। लेकिन संबंधित विभाग लापरवाह बना हुआ है।
अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाईवे पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले से मरीजों को भी इसी सड़क से हल्द्वानी हायर सेंटर पहुंचाया जाता है। इसके बावजूद यह सड़क गड्ढा मुक्त नहीं हो पा रही है। नगर के बीचोबीच धारानौला में लंबे समय से सड़क बदहाल है। यहां करबला से एनटीडी तक सात किमी के दायरे में बने 50 से अधिक गड्ढे सरकारी तंत्र के खोखले दावों की पोल खोल रहे हैं। धारानौला बाजार, राजपुरा, दुगालखोला में सड़क की हालत बहुत खराब है। इन गड्ढों के बीच यात्री, पर्यटक और मरीज किसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। लेकिन इस पर किसी की नजर नहीं पड़ रही है। संवाद
कसारदेवी, चितई समेत विभिन्न पर्यटक स्थलों को जोड़ता है हाईवे
अल्मोड़ा। यह हाईवे डाेल आश्रम, चितई, कसारदेवी, जागेश्वर समेत विभिन्न पर्यटक स्थलों को जोड़ता है। इस सड़क से होते हुए हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक यहां के पर्यटन स्थल पहुंचते हैं। लेकिन सड़क की बदहाली के चलते उन्हें भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
दो साल से फाइलों में दबा है प्रस्ताव
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाईवे पर पनार तक 80 किमी के दायरे में 10 से अधिक स्थानों पर सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हैं। इनके नवनिर्माण के लिए वर्ष 2021 में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। यह प्रस्ताव दो साल से सरकारी फाइलों में धूल फांक रहा है।
सड़क की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। डामरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
- गजेंद्र सिंह किरौला, अवर अभियंता, एनएच, रानीखेत।