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Almora News: रानीखेत को जोड़ने वाले हाईवे पर गड्ढों के बीच सफर मुश्किल

Sat, 07 Oct 2023 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन कारोबार को बढ़ाने के लिए पर्यटकों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावे धरातल पर नहीं दिख रहे हैं।
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पर्यटन नगरी रानीखेत के साथ प्रसिद्ध बिनसर महादेव मंदिर को जोड़ने वाला बदहाल एसएच रानीखेत-भतरौंजखान इसका प्रमाण है। यह हाईवे गड्ढों से पटा है। पर्यटक और यात्री खतरे के बीच सफर कर रहे हैं। हालात ये हैं कि इस हाईवे के सात किमी के दायरे में बने 380 से अधिक गड्ढे पर्यटकों के लिए समस्या पैदा करते हैं। बिनसर महादेव मंदिर के दर्शन के लिए जाने में भी उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं।
आजादी से पूर्व रानीखेत-भतरौंजखान सड़क का निर्माण किया गया। आजादी के बाद इसे स्टेट हाईवे का दर्जा दिया गया। यह सड़क रानीखेत, भतरौंजखान, ताड़ीखेत, सोनी सहित देश की आस्था का केंद्र बिनसर महादेव मंदिर को जोड़ती है। वर्तमान में यह हाईवे उपेक्षा का सामना करते हुए गड्ढा मुक्त होने का इंतजार कर रहा है। ताड़ीखेत से सोनी तक सात किमी दायरे में गड्ढों से पटा यह हाईवे सरकारी मशीनरी के दावों को खोखला साबित कर रहा है।
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सात किमी में 350 से अधिक गड्ढे बने हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। आए दिन गड्ढों पर रपटकर तीन से चार दोपहिया वाहन चालक अस्पताल की दौड़ लगा रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि 13 साल बाद भी हाईवे पर हॉटमिक्स नहीं किया जा सका है। इससे सड़क हर दिन और बदहाल हो रही है। संवाद

बिनसर महादेव मंदिर पहुंचने वाले पर्यटकों में आई कमी
रानीखेत। रानीखेत-भतरौंजखान हाईवे पर स्थित बिनसर महादेव मंदिर में हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। सड़क की बदहाली के चलते यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में भी कमी आई है। एक साल पूर्व तक यहां हर रोज 400 से 500 पर्यटकों की आवाजाही होती थी जो अब 200 के करीब रह गई है। पर्यटक इस सड़क से आवाजाही करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। इसका असर स्थानीय पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है।
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बोले लोग
लंबे समय से सड़क बदहाल है। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से खतरा अधिक बढ़ जाता है। हर रोज दो पहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
पूरन चंद्र कांडपाल, ताड़ीखेत।

सड़क पर सैकड़ों गड्ढे हैं। इन पर आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सभी दावे फेल हैं।
मो. हनीफ, ताड़ीखेत।

सड़क की हालत बेहद खराब है। मिट्टी से पेंच भरे जाते हैं जो कुछ समय बाद फिर से गड्ढों में बदल जाते हैं। सड़क पर डामरीकरण होना चाहिए।
हरीश चंद्र उपाध्याय, रानीखेत।

ताड़ीखेत से आगे की तरफ सड़क की हालत बेहद दयनीय है। ऐसे में हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
विक्रम उपाध्याय, सोनी।


सड़क पर पेच भरान किया जाएगा। डामरीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति के बाद ही यह संभव है।
कुंदन सिंह बिष्ट, सहायक अभियंता (प्रांतीय खंड) लोनिवि, रानीखेत।
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