रानीखेत (अल्मोड़ा)। नर सिंह स्टेडियम को खेल प्रतिभाओं के लिए तो बंद कर दिया गया लेकिन मेले के संचालन की अनुमति दे दी गई है। इस पर खिलाड़ियों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब मैदान को मेले के लिए खोला जा सकता है तो खिलाड़ियों को प्रतिभा निखारने का मौका मिलना चाहिए।
रानीखेत में अधिकतर खेल मैदान सेना के अधीन हैं। वर्ष 2022 में केआरसी के एक सैन्य अधिकारी ने खेल प्रतिभाओं की परेशानी को समझते हुए स्थानीय नर सिंह स्टेडियम को अभ्यास के लिए खोला था। उनका स्थानांतरण होने के बाद फिर से इस मैदान में खिलाड़ियों की इंट्री बंद कर दी गई। तीन महीने से यह मैदान बाहरी लोगों के लिए बंद है। अब यहां एक महोत्सव के आयोजन की अनुमति दे दी गई है। इससे खेल प्रतिभाओं में मायूसी है।
खिलाड़ियों की बात
खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए अभ्यास जरूरी है। स्थानीय नर सिंह मैदान को बंद करने से खेल प्रतिभाएं मायूस हैं। यहां महोत्सव की अनुमति दी जा सकती है तो इसे अभ्यास के लिए भी खोला जा सकता है।
-नीरज बिष्ट, राज्य स्तरीय फुटबाल खिलाड़ी
खेल प्रतिभाओं के लिए मैदान का अभाव है। नर सिंह स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रवेश मिलेगा तो क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
-दीपक महरा, हॉकी प्रशिक्षक, रानीखेत।
प्रशासन का पक्ष
नर सिंह मैदान सेना के अधीन आता है और सेना ने ही मेले के आयोजन की अनुमति दी है। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए सेना से वार्ता की जाएगी।
-वरुणा अग्रवाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट, रानीखेत।
विधायक बोले
सैन्य अधिकारियों से मैदान को खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए खोलने को लेकर वार्ता की जाएगी। खेल मैदान निर्माण के भी प्रयास हो रहे हैं।
-डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक, रानीखेत।