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Almora News: जनता सीवेज योजना के इंतजार में और योजना उलझी फाइलों में

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। करीब 20 हजार से अधिक आबादी वाली रानीखेत छावनी आज भी एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए तरस रही है। वर्षों पहले बिछाई गई मिनी सीवर लाइन यहां सफल नहीं हो पाई। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सीवर निस्तारण की समस्या बनी हुई है। छावनी परिषद ने कैंट और सिविल दोनों क्षेत्रों के लिए संयुक्त एसटीपी की योजना तैयार की, लेकिन लगभग 37 करोड़ रुपये की इस परियोजना को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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रानीखेत छावनी कुमाऊं की प्रमुख छावनियों में से एक है। इसके बावजूद यहां सीवर लाइन की मंजूरी 25 साल से लटकी है। पुरानी मिनी सीवर लाइन बढ़ती जरूरतों के सामने बेअसर साबित हुई। कई बार प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद छावनी को आधुनिक सीवर सिस्टम नहीं मिल सका। दो वर्ष पहले छावनी और सिविल एरिया के लिए तीन एमएलडी क्षमता वाले संयुक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का सर्वे किया गया था। जगह तय होने और पूर्ण लागत अनुमान भेजे जाने के बावजूद परियोजना फाइल अभी भी स्वीकृति के इंतजार में है।

मंजूरी के बिना अटका 37 करोड़ का प्रस्ताव
रानीखेत। छावनी परिषद ने दो साल पूर्व संयुक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की विस्तृत योजना तैयार कर राज्य सरकार को भेजी थी। जमीन चयनित होने और लागत तय होने के बावजूद 37 करोड़ का यह प्रस्ताव आज तक लंबित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वीकृति मिलते ही लंबे समय से चली आ रही समस्या खत्म हो सकती है।
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असफल मिनी सीवर लाइन बनी सिरदर्द

करीब 25 साल पहले बिछाई गई मिनी सीवर लाइन शुरू से ही उपयोगी सिद्ध नहीं हो पाई। संकरी ढलानों और बढ़ती आबादी के कारण यह व्यवस्था विफल हो गई। तब से छावनी क्षेत्र सीवर प्रबंधन के लिए अस्थाई पिटों पर निर्भर है, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण दोनों पर असर पड़ रहा है।

कोट- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से खुले नालों में बहने वाले सीवर से मुक्ति मिलेगी और प्रदूषण की समस्या में बड़ा सुधार होगा। परिषद ने पहले ही कई जगह पक्के पिट बनवाए हैं, लेकिन स्थायी समाधान सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से ही मिल सकेगा। : मोहन नेगी, एकल सभासद छावनी परिषद रानीखेत
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कोट- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए डीपीआर शासन को भेजी गई है, लेकिन अभी उसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। स्वीकृति के बाद ही कार्य किया जाना संभव है
- कुनाल रोहिला, मुख्य अधिशासी अधिकारी, छावनी परिषद रानीखेत
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