छावनी परिषद का स्वच्छता अभियान सिर्फ नगर तक ही सीमित है। गली-मोहल्लों में कूड़े का अंबार लगा हुआ है। नियमित सफाई के अभाव में कूड़ा सड़ रहा है और तीव्र बदबू के चलते लोगों का जीना दूभर हो गया है। दूसरी तरफ सार्वजनिक मूत्रालयों की हालत खराब है।
कई मूत्रालय से गंदगी सड़क पर बह रही है। तमाम प्रयासों के बावजूद पर्यटन नगरी कूड़े की जद से बाहर नहीं आ पा रही है। कूड़ेदान साफ नहीं हुए हैं। नगर से सटे गली-मोहल्लों में कूड़े का अंबार लगा हुआ है। नागरिकों का कहना है कि कई बार छावनी परिषद में सूचना दी गई, लेकिन सफाई नियमित रूप से नहीं हो रही है। कूड़ा सड़ रहा है, बदबू के चलते जीना दूभर हो रहा है। खड़ी बाजार, जरूरी बाजार, राजपुरा, आबकारी क्षेत्र गंदगी से सबसे अधिक प्रभावित है।
गत दिनों छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने भी परेशान होकर सफाई व्यवस्था को ठेके पर देने की मांग की थी, लेकिन इस पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। दीपावली का सीजन चल रहा है, ऐसे में बाहर से आने वाले लोग कड़वे अनुभव लेकर लौटते हैं।