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ओड़ा भेंटकर गौरव का अनुभव करते हैं लोग

Sat, 11 Apr 2015 11:48 PM IST
हेम कांडपाल, रमेश त्रिपाठी/अमर उजाला ब्यूरो, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
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ओड़ा भेंटने की परंपरा स्याल्दे मेले का मुख्य आकर्षण है। ओड़ा भेंटकर लोग गौरव महसूस करते हैं। विभिन्न गांवों के लोग अलग-अलग समूहों में आकर ओड़ा भेंटते हैं। मेले के दिन ओड़े को भव्य रूप से सजाया जाता है।
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मान्यता है कि एक बार बिखौती मेले में दो समूहों के बीच झगड़ा हो गया। जिसमें विरोधी समूह का थोकदार मारा गया। उसके सिर को द्वाराहाट चौराहे पर दबा दिया गया। उसके ऊपर एक पत्थर विजय चिन्ह के रूप में गाड़ दिया गया। मेले के दौरान विभिन्न गांवों के लोग आकर उस पत्थर के ऊपर लाठी से प्रहार कर गर्व का अनुभव करते हैं। इसी परंपरा को ओड़ा भेंटना कहा जाता है। मेले के दिन ओडे़ को भव्य रूप से सजाया जाता है। 

मेले में शामिल होने वाले प्रत्येक गांव से एक जोड़ा नगाड़ा तथा निशांणे (ध्वजा) होते हैं। इसी आधार पर कुल शामिल नगाड़ों और गांवों की संख्या का पता चलता है। निशांणों को देवी की शक्ति के रूप में मान्यता है। निशांणों को लाने से पहले उनकी पूजा जाती है। बताते हैं कि किसी जमाने में मेले में पांच दर्जन से भी अधिक जोड़ी नगाडे़ आते थे। जिनकी संख्या कम होती जा रही है।
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मीना बाजार में महिलाएं करती हैं खरीददारी
स्याल्दे के मुख्य मेले के दूसरे दिन शीतला पुष्कर मैदान में मीना बाजार लगता है। जिसमें महिलाएं खरीददारी करती हैं। कहा जाता है कि मेले से वापस लौटने वाले बाहरी व्यापारी शेष बचे सामान को मीना बाजार में सस्ते दामों पर बेचते हैं। इसीलिए स्थानीय महिलाएं मीना बाजार में खरीददारी करने को लेकर काफी उत्साहित रहती हैं। मैदान में लगने वाले मीना बाजार में पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित होताहै। अलबत्ता मैदान से बाहर सभी मेलार्थियों की भीड़ रहती है।

मेले में होती थी देवी की पूजा
कहा जाता है कि स्याल्दे बिखौती का मेला पहले नाहन का मेला था बिमांडेेश्वर मेले के दूसरे दिन द्वाराहाट में शीतला देवी की पूजा होती थी। द्वाराहाट बाजार में आज जिस स्थान पर शीतला पुष्कर मैदान है इस स्थान में पूर्व में पोखर था जिसमें कमल के फूल खिलते थे। इस पोखर में स्थान के बाद शीतला देवी की पूजा होती थी।

नए झोडे़ को लेकर होती है उत्सुकता
ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों में मेले में झोड़ा गायन को लेकर होड़ मची रहती है। लोग समसामयिक मुद्दों, प्रेम प्रसंगों और सरकारों की उपलब्धियों तथा नाकामियों आदि मुद्दों को लेकर झोड़ा बनाते और गाते आ रहे हैं। मेले के दौरान नए झोडे़ को लेकर भी उत्सुकता बनी रहती है।

14 को सीएम करेंगे मुख्य मेले का उद्घाटन
ऐतिहासिक स्याल्दे बिखौती मेले का उद्घाटन 14 अप्रैल को इस बार प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत करेंगे। उनके साथ मेले में विधायक मदन बिष्ट, प्रदेश के कृषि मंत्री हरक सिंह रावत भी शिरकत करेंगे। मेला समिति के संरक्षक विधायक मदन बिष्ट ने बताया कि वह नगाड़े, निशांणों के साथ ओड़ा भेंटने वाले कलाकारों को 51 सौ रुपए का पुरस्कार देंगे। जबकि पूर्व प्रमुख राजेंद्र किरौला 11 सौ रुपए का पुरस्कार देंगे। मेला समिति अध्यक्ष विमला शाह, उपाध्यक्ष हेम रावत, सचिव नारायण रावत, गोविंद अधिकारी, खेल एवं सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल शाह ने लोगों से मेले में शिरकत करने की अपील की है।
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