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टैंकरों से पानी भरने के लिए लोगों की जुट रही भीड़

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पेयजल संकट को लेकर ताड़ीखेत में चल रहे क्रमिक अनशन की उपेक्षा से अब आंदोलनकारियों का धैर्य जवाब देने लगा है। आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछले छह दिनों से अनशन चल रहा है। इसके बावजूद विभागों की ओर से कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। आंदोलन को पूर्व सैनिकों का भी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने अब जल्द ही आमरण अनशन करने का निर्णय लिया है।
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ताड़ीखेत विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी के नेतृत्व में कई पंचायत प्रतिनिधि भी क्रमिक अनशन को समर्थन देने पहुंचे। अनशनकारियों ने पेयजल विभागों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि विभागीय अधिकारियों के आश्वासन पूरे नहीं हो रहे हैं। यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। छठवें दिन क्रमिक अनशन पर पूर्व प्रधान चंदन बिष्ट और जीवन रावत बैठे।
जबकि डॉ. जेसी पांडेय, बसंत सिंह, जगदीश उपध्याय, चंद्र भानु मेहरा, डूंगर सिंह रावत, प्रह्लाद सिंह, सतीश कुमार, रमेश पडेलिया, मो तनवीर, नीरज गिरी, रमेश चंद्र जोशी, रविंद्र कुंवर, अमित कार्की, श्याम सिंह रावत, नंद किशोर पांडे, खष्टी रौतेला, विनीता फर्त्याल, संजय पांडे, दीपक जोशी,चन्दन सिंह नेगी, प्रताप नेगी आदि समर्थन में धरने पर बैठे।
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टैंकरों से पानी भरने के लिए लोगों की जुट रही भीड़
अल्मोड़ा। बारिश होने के बाद भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जनता को पेयजल संकट से निजात दिलाने में जल संस्थान सफल नहीं हो पा रहा है। योजनाओं से मांग के अनुरूप पानी की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। टैंकर पहुंचने पर पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है।
ग्रामीण इलाकों में गांवों के लिए स्थानीय प्राकृतिक स्रोतों से योजनाएं तो बनी हैं पर योजनाओं से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीने का पानी जुटाने में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कई स्थानों पर तो लोग एक से दो किमी दूर स्थित जल स्रोतों से पानी ला रहे हैं, जबकि मवेशियों के लिए पानी जुटाने में भी काफी परेशानी हो रही है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि गरमी बढ़ने पर जल स्रोतों का स्तर काफी गिर गया था। बारिश होने के बाद हालांकि जल स्रोतों में पानी का स्तर आंशिक रूप से बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में लोगों की मांग पर टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इधर विभाग की अवर अभियंता तनुजा ने बताया कि रविवार को दाड़िमी, जलना, द्योनाथल, कनरा, सल्ला बैंड, मैचोड़, बेस अस्पताल में डॉक्टर हॉस्टल में कुल नौ टैंकरों से पानी की आपूर्ति की गई।
12 से अधिक गांवों में पैदा हुई पेयजल की किल्लत
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। चौखुटिया बाजार सहित 12 से अधिक गांवों में तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप रहने से पानी का संकट बना हुआ है। शुक्रवार से ठप हुई पेयजल आपूर्ति रविवार को भी सुचारु नहीं हो पाई है। कोरोना काल में गेहूं की कटाई , मढाई के कार्य के बीच पेयजल किल्लत से लोगों को परेशानी हो रही है। अखेती में स्थित पंप हाउस से चौखुटिया बाजार के अलावा गनाई, पीपलधार, दिगौत, फुलई, धुधलिया बिष्ट, धुधलिया महर, वेतनधार, बोरागांव, कुरमांण, उडलीखान व नागाड़ सहित 12 से अधिक ग्राम पंचायतों को पेयजल की आपूर्ति होती है। पिछले तीन दिनों से संबंधित सभी क्षेत्रों में आपूर्ति ठप है। बताया गया है कि पंप हाउस में आई खराबी के चलते समस्या पैदा हुई है। इधर लोगों ने रामगंगा की तलहटी में बसे होने के बावजूद क्षेत्र में आए दिन की पेयजल किल्लत को लेकर सवाल उठाए हैं। (संवाद)
पहले दिन बिजली की पर्याप्त आपूर्ति न होने से पंपिंग नहीं हो सकी जबकि दूसरे दिन से पंप का स्टार्टर फुंकने से पंप नहीं चल पाए हैं। बाजपुर से मैकेनिक को बुलाया गया है। पंप ठीक होते ही है आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
संदीप आर्या जेई जल संस्थान चौखुटिया
कठपुड़ियाछीना के ग्रामीण इलाकों में गहराया पेयजल संकट
बागेश्वर। जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के असों, बोहाला, बौड़ी और रैखोली में गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट शुरू हो गया है। लोगों को प्राकृतिक स्रोत और हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ रहा है।
कठपुड़ियाछीना क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए सरयू नदी से पंपिंग योजना बनाई गई है। योजना पुरानी होने से अधिकांश स्थानों पर लाइन टूटने लगी है। जंगल के रास्तों से गुजर रही पाइप लाइन पर कुछ स्थानों में रिसाव भी हो रहा है। इस कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष गर्मी बढ़ने के साथ पानी का संकट गहरा जाता है। पानी जुटाने में रोजमर्रा के कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
वहीं कांडा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की कमी से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने गर्मी के दौरान पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की। इधर, जल संस्थान के प्रभारी अधिशासी अभियंता सीएस देवड़ी ने बताया कि खराब लाइनों की मरम्मत की जा रही है। सड़क किनारे वाले क्षेत्रों में टैंकर की मदद से पानी पहुंचाया जा रहा है। (संवाद)

लमगड़ा ब्लाक के जलना में टैंकर से पानी भरते ग्रामीण।- फोटो : ALMORA

कठपुड़ियाछीना के असों गांव में हैंडपंप पर पानी भरने को एकत्र महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

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