नगर पंचायत क्षेत्र के पूर्वी वार्ड में एक पखवाड़े से पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिससे लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
दूनागिरी चौराहे से दूनागिरी रोड तथा कमलघाट के ऊपरी क्षेत्रों में लंबे समय से पानी बरबाद हो रहा है लेकिन विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। वितरण व्यवस्था ठीक नहीं होने से कई इलाकों में निर्धारित समय से अधिक पानी खोला जा रहा है। आरोप है कि जेई फोन नहीं उठाते हैं, वहीं कर्मचारी अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ता उठा रहे हैं।
कहा कि तीसरे दिन मिलने वाला पानी भी उन्हें मयस्सर नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि जल्द व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो वृहद आंदोलन होगा। उपभोक्ताओं ने कहा कि रामगंगा पेयजल योजना में प्रचुर मात्रा में पानी होने के बावजूद आपूर्ति नहीं हो पा रही है। चेतावनी देने वालों में भीम सिंह किरौला, जीवन सिंह, देवकी देवी, प्रभा जोशी, देब सिंह अधिकारी, संदीप साह, खीम सिंह आदि शामिल रहे। (संवाद)
जल संस्थान ने सत्रह टैंकरों से की पानी की आपूर्ति
अल्मोड़ा। गरमी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है। शहर समेत ग्रामीण इलाकों में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को जल संस्थान ने विभिन्न स्थानों पर 17 टैंकरों से पानी की आपूर्ति की।
जल संस्थान की अवर अभियंता तनुजा ने बताया कि मेरगांव में दो टैंकर, लमगड़ा में तीन टैंकर, लमगड़ा में एसबीआई के पास तीन टैंकर, कपकोट, मोतियापाथर, भांगाद्योली, भेटाडांगी, अयारपानी, सल्ला बैंड, हवालबाग में ट्रेनिंग सेंटर, बेस अस्पताल में डॉक्टर हॉस्टल, कालीमठ में एक-एक टैंकर से पानी की सप्लाई की गई। (संवाद)
मंडलसेरा में पेयजल संकट गहराया, लोग परेशान
बागेश्वर। नगरपालिका क्षेत्र के मंडलसेरा वार्ड में पेयजल संकट गहरा गया है। वार्ड के भुल्यूड़ा और बानरी तोक में नलों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। लोगों को पानी जुटाने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने जल संस्थान से जल्द पेयजल समस्या का निदान करने की मांग की है।
भुल्यूड़ा तोक में लंबे समय से पानी का संकट बना हुआ है। यहां हैंडपंप खराब है और नलों से भी जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। कई बार उपभोक्ताओं ने विभाग से मांग की लेकिन समस्या जस की जस है। बानरी तोक में भी कमोबेश इसी तरह के हालात हैं। नल और हैंडपंप सूखे हैं। प्राकृतिक स्रोतों का जलस्तर गिरता जा रहा है। कई बार विभाग को बताने पर भी जल संकट से निजात नहीं मिल रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग टैंकर की मदद से पानी दे रहा है लेकिन वह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नाकाफी है। इधर जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी ने कहा कि मंडलसेरा सहित पेयजल संकट वाले अन्य क्षेत्रों में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। खराब हैंडपंपों की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। (संवाद)