राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।
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राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की यहां हुई बैठक में विद्यालयों के कोटिकरण और वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई। निर्णय लिया गया कि पांच अगस्त से संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर देगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 25 अगस्त से शिक्षा निदेशालय पर आमरण अनशन शुरू करने का एलान किया गया।
सर्व शिक्षा सभागार में हुई बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। यदि समय रहते सरकार ने समस्याएं हल नहीं कीं तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। वक्ताओं ने 2008 और 2018 में विद्यालयों के कोटिकरण की विसंगति दूर करने की मांग की। महिला शिक्षकों के तबादले नहीं करने के लिए आयु सीमा 55 के स्थान पर 50 की जानी चाहिए। शिक्षकों के वेतनमान में लंबे समय से वेतन विसंगति चल रही है, लेकिन शासन उदासीन बना हुआ है। सभी शिक्षकों को एसीपी का लाभ देने की मांग उठाई गई। दुर्गम क्षेत्र में कार्यरत 55 साल के शिक्षकों को छूट दी जाए। सुगम और दुर्गम कोटिकरण को पूर्व की तरह ए, बी, सी, डी श्रेणी में बांटा जाए।
तय हुआ कि मांगों को लेकर पांच से 15 अगस्त के बीच सभी जिला कार्यकारिणी अपने-अपने जिलों के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देंगे। 18 अगस्त को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। 21 से 24 अगस्त तक निदेशालय में प्रांतीय कार्यकारिणी, मंडल स्तर पर मंडल इकाई, जिले में जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक स्तर पर ब्लाक इकाई क्रमिक अनशन करेगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 25 अगस्त से प्रांतीय कार्यकारिणी देहरादून में आमरण अनशन शुरू कर देगी। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा, महामंत्री सोहन सिंह माजिला, संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल, कोषाध्यक्ष अमित चौधरी आदि ने विचार रखे।