अल्मोड़ा। सोमवार को नगर क्षेत्र में कुछ देर मूसलाधार बारिश हुई। बारिश और ओलावृष्टि के बीच जिला पंचायत आवासीय परिसर के निचले तल की आंगन की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से तीन परिवार बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके घर का रास्ता पूरी तरह बंद होने से वह काफी देर घरों में फंसे रहे। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था कर सीढ़ी लगाकर उनके आने-जाने की व्यवस्था की गई।
जिलेभर में सोमवार की दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदल ली। सुबह धूप खिलने के बाद धीरे-धीरे आसमान में बादल छाने लगे। और दोपहर बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बूंदाबांदी के बाद मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई। बारिश से अल्मोड़ा के चौघानपाटा स्थित जिला पंचायत आवासीय परिसर के सबसे निचले तल के भवन की आंगन की दीवार भरभरा कर गिर गई।
गनीमत रही इस बीच घर के आंगन में कोई भी नहीं था, जिससे परिवार के सभी लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन आंगन की पूरी दीवार नीचे पंकज बोरा के भवन के लेंटर में जाकर गिर गई। आंगन के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने से गिरीश लाल, अजय कुमार और शोभा देवी का परिवार घर के अंदर ही रह गए। काफी देर तक वह बाहर नहीं निकल पाए।
वहीं इसके साथ ही निचले तल की दीवार की दीवार गिरने से पूरे भवन को खतरा है। ढलान में होने की वजह से यहां बारिश में काफी पानी आता है। उधर जिला पंचायत भवन के नीचे स्थित भवन के स्वामी पंकज का कहना है कि दीवार पहले से ही खतरे की जद में थी।
जिला पंचायत को तीन बार लिखित में सुधारीकरण की मांग की जा चुकी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। मौके पर पुलिस टीम भी पहुंची। बाद में किसी तरह सीढ़ी लगाकर तीनों परिवार के आने-जाने की व्यवस्था कराई।
उधर पास में ही एक अन्य वाहन भी गैराज में ही फंसा रह गया। उधर खरीफ की फसल की बुवाई के लिए बारिश लाभदायक रही जबकि गेहूं की तैयार फसल के लिए ओलावृष्टि नुकसानदायक रही।