अल्मोड़ा। नगर में पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं। इतना ही नहीं सड़कों के किनारे बनी सफेद पट्टी के बाहर भी वाहन पार्क करने से जाम तो लगता ही राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर के माल रोड, एलआर साह रोड, धारानौला मार्ग में वाहनों की काफी आवाजाही रहती है। शहर में पार्किंग होने के बाद भी लोग सड़कों पर ही वाहनों को पार्क कर रहे हैं। संकरे स्थानों पर भी वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। इससे भी आए दिन जाम लगता रहता है। कई बार वाहन चालक सड़कों के किनारे बनी सफेद पट्टी के बाहर वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे वहां जाम तो लगता ही है साथ ही राहगीरों को भी आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ती है।
लोअर माल रोड निवासी राकेश सिंह ने बताया कि नगर की सड़कों पर चालक जहां तहां वाहनों को रोक देते हैं। सफेद पट्टी के बाहर वाहन खड़े होने से वहां पर पैदल चलने की जगह नहीं बचती है। आवाजाही के दौरान कई बार दोपहिया चालक टक्कर मारकर भाग जाते हैं।
माल रोड निवासी सुंदर सिंह ने बताया कि सड़कों के किनारे से वाहनों को हटाया जाना चाहिए ताकि जाम की समस्या से निजात मिल सके। यातायात प्रभारी दरवान सिंह ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
सोमेश्वर में नहीं है पार्किंग, सड़क पर खड़े किए जा रहे वाहन
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर कस्बे में पार्किंग की सुविधा नहीं है। चौपहिया, दोपहिया वाहन सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं। इस कारण सुबह से शाम तक यहां जाम लगता रहता है। कई बार मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है, जिससे मरीजों की जान सांसत में पड़ जाती है।
सोमेश्वर में वाहनों का काफी दबाव रहता है। यहां से थराली, चौखुटिया, हल्द्वानी, रानीखेत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, द्वाराहाट, कोसानी, गरुड़, देवाल, मासी, रामनगर, ग्वालदम, पौड़ी आदि इलाकों को रोजाना सैकड़ों वाहन आवाजाही करते हैं। कस्बे में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से चालक जहां जगह मिलती है वहीं अपने वाहनों को पार्क कर देते हैं। सड़क के दोनों ओर वाहनों के खड़े किए जाने से यहां आए दिन जाम लगता रहता है। जाम के कारण राहगीरों के साथ ही स्कूली बच्चों और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि चालक कई बार दुकानों के आगे भी वाहन खड़ा कर कहीं और चले जाते हैं। इससे दुकान का रास्ता बंद हो जाता है। इससे व्यवसायियों को नुकसान झेलना पड़ता है।