मई से जुलाई 2023 तक आए थे 38,992 पर्यटक, इस साल मई में अब तक सिर्फ 4,526 सैलानी आए
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में व्यवस्थाओं के अभाव से पर्यटन कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। पार्किंग के अभाव में पर्यटक परेशानी झेल रहे हैं तो पर्यटक स्थलों की अनदेखी हो रही है। ऐसे में सैलानी यहां का रुख करने से परहेज कर रहे हैं, इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
रानीखेत में मई से जुलाई 2023 तक 38,992 पर्यटक पहुंचे थे। इस बार मई माह में अब तक सिर्फ 4,526 पर्यटकों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इसकी बड़ी वजह पार्किंग का अभाव और पर्यटक स्थलों का विकास न होना है। पार्किंग के अभाव में आए दिन सड़कों पर जाम लग रहा है। ऐसे में पर्यटक यहां का रुख करने से परहेज कर रहे हैं। नगर में चार छोटी पार्किंग हैं और पर्यटक सीजन में अब तक अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
दो साल पहले स्वीकृत मल्टी स्टोरी पार्किंग का नहीं हुआ निर्माण शुरू
रानीखेत। रानीखेत के होटलों में भी पार्किंग का अभाव है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए वर्ष 2022 में मल्टी स्टोरी पार्किंग को स्वीकृति मिली, लेकिन आज तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है। मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण फाइलों तक सीमित हैं और पर्यटक इसके अभाव में परेशान हैं।
स्थलों का नहीं हो सका विकास
रानीखेत। क्षेत्र में पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए कई बार पर्यटन विभाग स्थानीय कारोबारियों के साथ बैठक कर चुका है, लेकिन नतीजा अब भी शून्य है। होटल एसोसिएशन अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि यदि पर्यटक स्थलों को विकसित किया जाता तो निश्चित तौर पर यहां के पर्यटन कारोबार को गति मिलती। ऐसा न होने से साल-दर-साल पर्यटकों की संख्या में कमी आ रही है।
इन जगहों को विकसित करने की जरूरत
- सनसेट प्वाइंट के लिए चौबटिया का सात पत्थर क्षेत्र और कुंपूर लालकुर्ती
- मालरोड में व्यू प्वाइंट
- हाइडिल काॅलोनी से चौबटिया तक ट्रेकिंग रूट
- पिलखोली झूला देवी गेट से आगे ट्रेकिंग रूट
- चौबटिया के कुनेलाखेत से पैराग्लाइडिंग
- चौबटिया में रोपवे
- दलमोटी के जंगल में सफारी
कोट- पार्किंग सहित पर्यटक स्थलों के विकास का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। कुछ छोटी-छोटी पार्किंग नगर में बनाई गई हैं। स्वीकृति मिलने के बाद मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण संभव है। -कुनाल रोहिला, मुख्य अधिशासी अधिकारी, छावनी परिषद, रानीखेत।