मंडलायुक्त डी सैंथिल पांडियन ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिला, राज्य, केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पिछले साल के विकास कार्यों की अवशेष राशि शीघ्र खर्च करने के निर्देश दिए। कहा कि गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता विहीन कार्यों के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मंडलायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं की जा रही है। जब तक अधिकारी स्वयं योजना स्थल पर जाकर निरीक्षण नहीं करेंगे तब तक किसी भी प्रकार से आवंटित धनराशि का सदुपयोग नहीं किया जा सकेगा। सरकार द्वारा योजनाओं के लिये दी गई धनराशि का सदुपयोग हो इसके लिए अधिकारी अधिक से अधिक भ्रमण कर अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करें।
इससे अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी होगी। कहा कि वे समय-समय पर योजनाओं का औचक निरीक्षण भी करेंगे। बैठक में डीएम मंगलेश घिल्डियाल ने बताया कि शासन द्वारा चारों योजनाओं के अंतर्गत जनपद में कुल 21579.76 लाख अवमुक्त हुआ है। जिसमें 16029.12 लाख व्यय हो चुका है। जिला योजना में शासन से अवमुक्त धनराशि 2783.20 लाख के सापेक्ष 1327.79 लाख, राज्य योजना में शासन से अवमुक्त धनराशि 7825.06 लाख के सापेक्ष 5532.20 लाख का खर्च हुआ है।
केन्द्र पोषित योजना के अन्तर्गत 8928.38 लाख के सापेक्ष 7476.82 लाख, बाह्य सहायतित योजनान्तर्गत शासन से अवमुक्त धनराशि 2043.13 लाख के सापेक्ष 1692.31 लाख व्यय हो चुका है। बैठक में एसपी सुखबीर सिंह, सीडीओ एसएसएस पांगती, सीएमओ संजय साह, एडीएम एसएस जंगपांगी, एसडीएम एसएस राणा मौजूद थे।