वीरांगना ग्राम पंचायत महिला जनप्रतिनिधि संगठन ताकुला की पंच और प्रधानों ने क्षेेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त नहीं होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर में स्टाफ नर्स नहीं है।
सचल स्वास्थ्य वाहन क्षेत्र में तीन माह से नहीं पहुंचा है। राज्य का पंचायत राज एक्ट लागू करने और ग्राम पंचायत सदस्यों को मानदेय देने की मांग भी अधूरी है। उन्होंने सरकार की गांवों के विकास की मंशा पर सवाल उठाए।
शिखर सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से सोमेश्वर अस्पताल भवन बना है पर जनता को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। सोमेश्वर अस्पताल में स्टाफ नर्स नहीं है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को अल्मोड़ा लाना पड़ता है।
अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को काफी दिक्कतें होती हैं। सचल स्वास्थ्य वाहन क्षेत्र में पहुंचने की प्रतिमाह तिथि 21 है, लेकिन तीन माह से यह वाहन नहीं आया है। यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल नहीं हुई तो महिला पंच, प्रधान और महिला संगठन आंदोलन को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि ताकुला ब्लाक कार्यालय तक पक्की सड़क बनाने की मांग पूरी नहीं हुई है। सरकार शराब और खनन के लिए नियमावली और एक्ट बना रही है पर प्रदेश का अपना पंचायत राज एक्ट नहीं बना है।
इस मौके पर बूंगा की प्रधान संगीता आर्या, चनोली की प्रधान भगवती उपाध्याय, टाना की प्रधान कौशल्या बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता बसंती बहन, बसंत पांडे, बीना जोशी, माया वर्मा, तुलसी साह, पुष्पा बोरा, प्रधान सरिता देवी, संगीता आर्या, कमला, रेखा, पार्वती, शोभा बिष्ट आदि मौजूद थीं।