अल्मोड़ा। पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में चाय की दुकानों पर इन दिनों सभी की जुबां पर भी राजनीति का रंग चढ़ने लगा है। ग्रामीण नुक्कड़ों पर चाय पीते हुए राजनीति की चाय भी उबाल रहे हैं। ग्रामीण नरेश सिंह का कहना कि सड़क नहीं बनी तो कहीं नलों में पानी ही नहीं आता है। पांच सालों में जनप्रतिनिधि ने क्या विकास किया, यह समझ में नहीं आता। हवालबाग के कोसी में एक दुकान पर बैठकर कुछ ग्रामीण चाय की चुस्की ले रहे थे। इस दौरान चाय की एक घूंट लगाते ही जुबां से राजनीति के सुर भी निकलने लगे। मोहन सिंह बोले, उत्तराखंड बनने के बाद भी गांव के हालात नहीं बदल पाए हैं। बदली तो सिर्फ गांव की जनप्रतिनिधि की किस्मत। जनप्रतिनिधि की नजर सिर्फ कुर्सी पर है। इतने में प्रदीप मेहरा कहने लगे कि गांवों में सड़क, पानी के मुद्दे सालों से चल रहे हैं। लेकिन कोई सुनने को तैयार नही है। कैलाश सिंह बोले कि जनप्रतिनिधि भाषणों, वादों की झड़ी लगाएंगे और बताएंगे कि हमने इतना विकास किया जबकि सरकार के पांच साल गुजर गए और गांवों में अब भी मूलभूत समस्याएं जस की तस हैं। संवाद