अल्मोड़ा। सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाली एक जुझारू लड़की ने फाइन आर्ट्स की पढ़ाई करते हुए कुछ ऐसा कर दिखाया जो दर्जनों महिलाओं की प्रेरणा बन चुका है। यह मशरूम गर्ल हुनर और हिम्मत में किसी अनुभवी उद्यमी से कम नहीं। 26 साल की नमिता टम्टा मशरूम की औषधीय प्रजाति की खेती करके 25 लाख रुपये सालाना कमा रही हैं।
तरक्की की यह इबारत साल 2018 से लिखी जानी शुरू हुई। महज 19 साल की उम्र में जब लोग करियर की दिशा भी तय नहीं कर पाते, नमिता ने बाबा एग्रो टेक नाम से उद्यम खड़ा कर दिया। इसमें उनकी मदद की साथी कमल पांडे ने। शुरुआत मशरूम से हुई लेकिन मंजिल थी हिमालयी औषधीय गुण वाली प्रजाति का उत्पादन और इसे लोगों तक पहुंचाने की। आज वह गणोडर्मा और कॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस जैसे दुर्लभ औषधीय मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। इनकी बाजार में कीमत पांच हजार से लेकर 90 हजार रुपये प्रति किलो तक है।
लोग हंसे, सवाल उठे… मगर नमिता डटी रहीं
जब उन्होंने खेती करने की ठानी तो समाज ने सवालों की झड़ी लगा दी। मगर नमिता ने जवाब दिया अपने काम से। आज जवाब मांगने वाले वही लोग उनकी सफलता की मिसाल देते हैं। नमिता और उनका काम अब हिमालयी औषधीय उत्पादों के बाजार में जगह बना चुका है। इस वर्ष उन्होंने अपनी कमाई का लक्ष्य 50 लाख रुपये रखा है।
उद्यमिता क्षेत्र में बेहरत कार्य के लिए मिला सम्मान
उनकी मेहनत और समाज के लिए किए गए कार्यों को देखकर 2024 में उन्हें महिला सम्मान पुरस्कार से नवाजा गया। उनकी कंपनी अब एनआरएलएम, रीप और यूकॉस्ट जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़कर और महिलाओं के लिए अवसर पैदा कर रही है। नमिता सिर्फ एक उद्यमी नहीं सामाजिक बदलाव की वाहक भी बन रही हैं। अब तक 1000 से ज्यादा महिलाओं को औषधीय मशरूम की ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। उनकी पहल ने कई घरों में रोशनी और उम्मीद की किरण जगाई है।
इंफो
25 लाख रुपये सालाना कमाई कर रही मशरूम उत्पादन से
50 लाख रुपये आय का रखा है लक्ष्य इस वर्ष के लिए
- औषधीय मशरूम की खेती से युवा स्वरोजगार से जुड़कर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। विदेशों से इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। हमारी कंपनी ने इस वर्ष 50 लाख का रुपये का लक्ष्य तय किया है। - नमिता टम्टा, उद्यमी, अल्मोड़ा।
नमिता ने 2019 में शुरू किया है अपना स्टार्टअप। इसकी उम्र अभी 25 वर्ष है।
फोटो- 09 एएलएम 01पी- अल्मोड़ा में महिलाओं को प्रशिक्षण देती नमिता टम्टा। स्त्रोत- स्वयं