अल्मोड़ा। लॉकडाउन और कोरोना से जूझ रहे मरीजों के लिए परेशानियां खड़ी हो रही हैं। कई होम आइसोलेट संक्रमित घर पर ही ऑक्सीजन के सहारे हैं लेकन बाजार में ऑक्सी फ्लो मीटर नहीं मिलने की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है।जिन लोगों को ऑक्सी फ्लो मीटर नहीं मिल पा रहा है वह लोग कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल को काटकर कामचलाऊ ऑक्सी फ्लो मीटर बना रहे हैं। हालांकि इसमें मरीज को परेशानी होती है लेकिन कुछ न होने से कुछ होना ज्यादा बेहतर है।
कोविड मरीजों के उपचार में जिन उपकरणों की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ रही हैं वह ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सी फ्लो मीटर हैं। ऑक्सीमीटर तो बाजार में मिल रहा है। ऑक्सीजन का उत्पादन अभी स्थानीय स्तर पर नहीं होने की वजह से यह भी हल्द्वानी से ही मंगाना पड़ता है। इधर जो कोरोना मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं उनको इसके लिए ऑक्सी फ्लो मीटर की जरूरत होती है। यह बाजार में करीब 1400 रुपये में मिलता है। जब कोरोना का कहर बढ़ा तब ऑक्सीजन फ्लो मीटर की भी मांग बढ़ गई। शुरू में तो अल्मोड़ा में यह आसानी से मिल रहे थे लेकिन अब ऑक्सी फ्लो मीटर मिलना बंद हो गए हैं। नतीजतन लोगों को इन्हें किसी तरह से हल्द्वानी से मंगाना पड़ रहा है।
पुलिस कर रही है मदद
अल्मोड़ा। ऑक्सी फ्लो मीटर के लिए पुलिस कोरोना मरीजों की मदद कर रही है। पुलिस से संपर्क किए जाने के बाद उन्हें हल्द्वानी से मंगाकर ऑक्सी फ्लो मीटर दिए जा रहे हैं। हालांकि लोगों की मांग है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोविड से जुड़े उपकरणों को बाजार में समुचित तौर पर उपलब्ध कराने का जिम्मा ले।
20 दिन से अल्मोड़ा की दुकानों में ऑक्सी फ्लो मीटर नहीं है। हल्द्वानी में भी इसकी दिक्कत चल रही है। लोग बहुत ही मुश्किल से इसका इंतजाम कर पा रहे हैं।- राघव पंत, कोषाध्यक्ष, अल्मोड़ा ड्रग एसोसिएशन