इस तरह हो रही ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग।
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तमाम कोशिशों के बावजूद वाहनों में ओवरलोडिंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन चालक धड़ल्ले से ओवरलोडिंग कर रहे हैं, जबकि ओवरलोडिंग के कारण क्षेत्र में कई दुर्घटनाओं में लोग अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं। सीटों का कोटा पूरा होने के बाद खासतौर पर टैक्सी वाहन चालक यात्रियों को वाहनों के पीछे लटका देते हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन के लोग आंख मूंदकर बैठे हुए हैं।
मालूम हो कि ओवरलोडिंग को लेकर समाचार पत्रों में भी तमाम खबरे छपती हैं, इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन के लोग इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों में यातायात पुलिस की तैनाती के चलते ओवरलोडिंग के मामले कम हो चुके हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हाल बुरे हैं। वाहन चालक सीटें भरने के बाद धड़ल्ले से सवारियों को पीछे लटका देते हैं। पहाड़ में ओवरलोडिंग के कारण पूर्व में कई दुर्घटनाएं हो चुुकी हैं, इसके बावजूद वाहन चालक सबक नहीं ले रहे हैं। इन सड़कों से आए दिन पुलिस और प्रशासन के लोग भी गुजरते हैं, लेकिन उनकी नजरें भी ओवरलोडिंग पर नहीं पड़ रही हैं। नागरिकों का भी कहना है कि कई वाहन चालक मनमानी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। यात्रियों को भी जागरूक रहने की जरूरत हैं। उपमंडल के अंतर्गत रानीखेत, द्वाराहाट, भिकियासैंण क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ओवरलोडिंग के मामले अधिक प्रकाश में आते हैं।