अल्मोड़ा से लगे पातालदेवी में सिर पर ढोकर पानी लाती महिलाएं। संवाद
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय से लगे स्यालीधार क्षेत्र में पिछले दो दिनों से पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। इस क्षेत्र को पेयजल मुहैया कराने वाली योजना से दो दिनों से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। जिस कारण अब यहां के लोगों को पेयजल के लिए दूरदराज के नौले धारों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय से लगे स्यालीधार में पातालदेवी से पेयजल आपूर्ति की जाती है। लेकिन पिछले दो दिनों से इस योजना से प्रभावित क्षेत्रों में पानी की एक बूंद नहीं टपकी। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से क्षेत्र के डेढ़ हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। ग्राम प्रधान संतोषी देवी ने बताया कि इस क्षेत्र में अक्सर पेयजल की आपूर्ति बाधित हो जाती है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारियों से कई बार पेयजल व्यवस्था में सुधार करने की मांग की गई। लेकिन इसके बाद भी पेयजल व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि पेयजल की बार बार आपूर्ति बाधित होने के कारण अब क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। शीघ्र पेयजल की आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता चुनने को मजबूर होंगे।
========इंसेट पैकेज
पानी की जुगत में बीत रहा ग्रामीणों का दिन
अल्मोड़ा। स्यालीधार क्षेत्र में पेयजल की समस्या पैदा होने के बाद अब यहां की महिलाओं का पूरा दिन पेयजल की व्यवस्था करने की जुगत में बीत रहा है। महिलाएं दूर दराज से सिर पर बर्तन रखकर जैसे तैसे पेयजल की व्यवस्था कर रही हैं। लेकिन विभाग उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है।
कोट
स्यालीधार को पेयजल आपूर्ति करने वाली पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। सूचना मिलने के बाद लाइन को दुरुस्त करा लिया गया है। - अरुण कुमार सोनी अधिशासी अभियंता