उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की कुमाऊं मंडल कार्यकारिणी की बैठक में वक्ताओं ने निर्माण कार्यों में राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ने पर विरोध जताया। उन्होंनेे 2015 में तत्तकालीन मुख्य सचिव और महासंघ के मध्य हुए उच्च स्तरीय समझौते के बाद भी अपर सहायक अभियंता की वेतन विसंगति दूर नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अपर सहायक अभियंता को एक जनवरी 2006 से ग्रेड पे 4600 रुपये का लाभ देने की मांग की।
उन्होंने अधीक्षण अभियंता पद का वेतनमान ग्रेड पे 8700 रुपये करने, कार भत्ता 2700 रुपये करने, निगम, परिषदों में समान लाभ प्रदान करने संबंधी शासनादेश लंबे समय बाद भी जारी नहीं करने पर रोष जताया। तय हुआ कि एक माह के भीतर शासनादेश जारी नहीं हुआ तो प्रांतीय कार्यकारिणी आंदोलन को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण एक्ट में अभियंत्रण संवर्ग के अनुसार संशोधन किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर की निर्माण एजेंसियों को कार्य दिया जा रहा है।
अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष भुवन भट्ट ने और संचालन मंडल सचिव बीसी जोशी ने किया। इस मौके पर अखिल भारतीय डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष पीसी जोशी, महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरीश नौटियाल, महासचिव लोकेंद्र पैन्यूली, संयुक्त सचिव मुकेश रतूड़ी, वित्त सचिव मुश्ताक आलम ने विचार रखे। बैठक में मंडल अध्यक्ष बीसी भट्ट, मंडल सचिव बीसी जोशी, मंडल उपाध्यक्ष मुकुल सती, घट संघ लोनिवि के मंडल अध्यक्ष अजेंद्र जोशी, मंडल सचिव विनोद सनवाल, मंडल सचिव जल संस्थान हरीश पंत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सिंचाई एमपीएस डोभाल आदि मौजूद थे।