रानीखेत (अल्मोड़ा)। विधि आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले एडवोकेट दिनेश तिवारी ने प्रदेश सरकार द्वारा बसों का किराया दोगुना करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों के सम्मुख पहले से ही आर्थिक संकट खड़ा है। राज्य की आर्थिक गतिविधियां ठप हैं। उद्योग, होटल, लघु उद्योग, ट्रांसपोर्ट पर कोरोना की मार पड़ी है। कहा कि रोडवेज की बसों में आम जनता सफर करती है। कहा कि अभी लोगों के पास इतनी आर्थिक ताकत नहीं है, जो सरकार द्वारा थोपी जा रही महंगाई का सामना कर सके। सरकार का किराया बढ़ाने का फरमान बेतुका है। उन्होंने जनहित में इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई है।