सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने पिछले साल अगस्त में द्वाराहाट में हजार-हजार के एक लाख रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़े गए तीन आरोपियों में से एक को आजीवन कारावास और दो आरोपियों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के रहने वाले हैं।
जानकारी के अनुसार तीन अगस्त 2016 को आरोपी गरीबा महतो द्वाराहाट में ओमप्रकाश आर्या की जूते-चप्पल की दुकान में आया और उसने सौ रुपये कीमत की एक जोड़ी चप्पल खरीदी। इसके लिए उसने एक हजार का नोट दिया। शक होने पर दुकानदार ने नोट को अन्य लोगों और व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष वर्मा को दिखाया। सभी ने नकली नोट की पहचान कर ली। उसके बाद व्यापारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। एसआई दरबान सिंह और एलआईयू एसआई केपीएस धामी ने पुलिस टीम के साथ आरोपी और उसके दो साथियों को मिरई मोड़ पर गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से एक-एक हजार के कुल एक लाख पांच हजार रुपये कीमत के नकली नोट बरामद हुए। इसके अलावा दो लाख रुपये के असली नोट भी बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420 और 489 (ख, ग) के तहत मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया।
इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र फुलारा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शेखर चंद्र नैलवाल ने पैरवी की और आठ गवाह पेश करवाए। सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने लिखित और मौखिक साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी गरीबा महतो पुत्र बड़ापंचू चौधरी गदाय महाराजपुर दियारा थाना राजमहल सदर जिला साहबगंज झारखंड को धारा 489 ख और 489 ग के तहत आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 420 के अंतर्गत सात साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। आरोपी वाल्मीकि चौधरी पुत्र बेचन चौधरी निवासी बामा चरनटोला, पोस्टआफिस मानिकचौक जिला माल्दा पश्चिम बंगाल और समर मंडल उर्फ सुमोर पुत्र फूल चंद्र छर्रामरी, पोस्ट ऑफिस चौकचामा थाना अहमदाबाद, जिला कटिहार (बिहार) को धारा 489 सी के तहत सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों आरोपी इन दिनों अल्मोड़ा जेल में बंद हैं।