बागेश्वर। जिले में मौसम की आंखमिचौली के बीच जंगलों के धधकने का सिलसिला भी जारी है। विश्व पर्यावरण दिवस की रात रवाईखाल क्षेत्र का जंगल धधकता रहे। आग आबादी के पास तक पहुंच गई। पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने स्थिति को चिंताजनक बताया है।
शुक्रवार की शाम रवाईखाल क्षेत्र के जंगल में आग लगी। आग आबादी और प्राथमिक स्कूल की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान पूर्व सांसद टम्टा और पूर्व विधायक फर्स्वाण जिला मुख्यालय से गरुड़ की ओर जा रहे थे। सड़क के पास तक पहुंची आग को देखते हुए उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचित किया।
पूर्व सांसद ने कहा कि वनाग्नि से निपटने के लिए हर साल तमाम इंतजाम किए जाते हैं लेकिन वन संपदा को होने वाला नुकसान कम नहीं हो रहा है। पूर्व विधायक ने बताया कि जिस स्थान पर आग लगी, वह गढ़खेत और बागेश्वर रेंज की सीमा पर पड़ता है।
वहां मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि हर साल कई बार जंगल जल जाते हैं। आग की चपेट में आने से पेड़ कमजोर हो जाते हैं और उनके गिरने का खतरा बना रहता है।
गढ़खेत रेंज के रेंजर प्रदीप कांडपाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। रात को ही आग को काबू कर लिया था।