द्वाराहाट में बैठक करते राज्य आंदोलनकारी।
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चिन्हीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों का आमरण अनशन तीन जुलाई से शुरू होगा। तैयारियों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों की यहां बैठक हुई। कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद शासन-प्रशासन की कानों में जूं नहीं रेंग रही है। आंदोलनकारियों के आंदोलन को हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से दबाया गया है, अब आर-पार की लड़ाई होगी।
यहां हुई बैठक में तीन जुलाई से शुरू हो रहे आमरण अनशन की तैयारियों पर चर्चा हुई। द्वाराहाट और चौखुटिया के चिन्हीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने एक सूत्रीय मांग पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई। कहा कि पिछले एक साल से लगातार आंदोलन के बावजूद शासन-प्रशासन ने एक नहीं सुनीं, हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से गुमराह किया गया है, जिसके चलते आमरण अनशन जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
कहा कि एक पखवाड़ा पूर्व आमरण अनशन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन आज तक प्रशासन की तरफ से कोई उत्तर नहीं आया। द्वाराहाट और चौखुटिया के एक दर्जन राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण से वंचित हैं। बैठक में मनोज अधिकारी, महेश प्रसाद, मोहन सिंह, कुंदन राम, धनी राम, गोपाल सिंह, दान सिंह, नवीन चंद्र, लक्षमण सिंह, मनोहर दत्त, किशन सिंह नेगी, राम सिंह बोरा सहित तमाम लोग मौजूद थे।