तहसील के नौला में 35 साल बाद गंगा दशहरा मेला फिर से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूजा अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पौराणिक मेले हमारी धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। सीएम ने जीआईसी नौला को मॉडल स्कूल का दर्जा देने, नौला-कमराड़ और भवानी देवी पंपिंग पेयजल योजनाओं के पुर्नगठन के साथ ही मेला समिति को दो लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा प्रदेश के संसाधनों का एक हिस्सा गरीब जनता के कल्याण पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती के माध्यम से गांवों को विकसित करके लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रोत्साहन स्वरूप मडुवा, चौलाई, झुंगरा, भटट्, गहत आदि पर बोनस दिया जा रहा है। वहीं अपने खेतों में काम करने वाली महिलाओं को मनरेगा की तर्ज पर मजदूरी देने की योजना बनाई जा रही है। बरसात के पानी को संरक्षित करने के लिए दो हजार जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। समाज कल्याण की पेंशन की धनराशि बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दी गई है। डंगरिये-जगरिये की तरह शगुन गीत गाने वाली महिलाओं को भी पेंशन के लाभ से जोड़ा जा रहा है।
इससे पूर्व उनका मेला समिति सदस्यों ने स्वागत किया। इस मौके पर छोलिया नृत्य के अलावा लोक कलाकार शिव दत्त पंत की टीम ने मां नंदा-सुनंदा तू दैण है जेये... आदि गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरजंन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देव गिरि गोस्वामी ने और संचालन कांग्रेस प्रदेश महामंत्री नरेंद्र बिष्ट ने किया। इस मौके पर पूर्व विधायक करन मेहरा, महेन्द्र सिंह मेहरा,कुबेर कठायत,प्रयाग शर्मा, गोविंद रावत, दीपक बिष्ट,पान सिंह मावड़ी, शंकर रावत, नंदन घुघत्याल, मुन्नी आर्या, गंगा पनचोली, कुवर सिंह कठायत, महिपाल बिष्ट , चन्दन सिंह, भारत भूषण आदि के अलावा डीआईजी पीएस सैलाल, सीडीओ प्रकाश चंद्र, एसएसपी केएस नगन्याल, एएसपी पंकज भट्ट, एसडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एनएस नबियाल आदि मौजूद थे। बाद में गंगा दशहरा मेला समिति ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को प्रतीक चिन्ह भेंट करने के साथ ही क्षेत्र के समस्याओं से संबंधित मांग पत्र भी सौंपा।