अल्मोड़ा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन की जिला कार्यकारिणी ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है। बुधवार को कार्यकारिणी ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पीएम और सीएम को ज्ञापन भेजे।
अल्मोड़ा में संगठन की कार्यकारिणी के सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष ऊमा बिष्ट के माध्यम से ज्ञापन भेजा और नई पेंशन में अंतर बताते हुए फिर से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। ज्ञापन में वक्ताओं ने कहा है कि पुरानी पेंशन पाने वालों के लिए जीपीएफ सुविधा उपलब्ध है। नई पेंशन योजना में जीपीएफ नहीं है।
कहा कि पुरानी पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती है, जबकि नई योजना में वेतन से प्रति माह 10 प्रतिशन और सरकार का अपना अंश 14 प्रतिशत शेयर बाजार के लिए कटौती कर निर्धारित है। सभी ने विभिन्न समस्याएं उठाते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में जूनियर हाईस्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गणेश भट्ट, एनएमओपीएस ब्लॉक संयोजक द्वाराहाट मोहन जोशी आदि शामिल थे।
ताड़ीखेत में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष किशोर जोशी के नेतृत्व मे ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह रावत को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने वालों में मनोज पाठक, दिनेश भंडारी, पुष्पा उपाध्याय, ललित मोहन उपाध्याय, तारीराम आदि शेामिल थे। स्याल्दे में जिला पंचायत सदस्य मीना शर्मा के प्रतिनिधि के रूप में बाला दत्त शर्मा और इकाई ने ब्लॉक प्रमुख को ज्ञापन सौंपा। विधायक सुरेंद्र जीना के प्रतिनिधि मुकेश भट्ट से फोन पर वार्ता की गई।
यहां संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. नवीन जोशी, सचिव प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष मान सिंह रावत, दिनेश तिवारी, सुरेंद्र भंडारी, मथुरा दत्त उप्रेती, कविंद्र उप्रेती, संजय भंडारी, वीरेंद्र, दिनेश चंद्र आर्या, मंजू त्रिपाठी, श्लोक कुमार आदि मौजूद थे। कार्यकारिणी के जिलाध्यक्ष गणेश सिंह ने बताया कि आगे भी ज्ञापन देने का कार्यक्रम चलता रहेगा। दो अक्तूबर को सभी शिक्षक और कर्मचारी नई पेंशन योजना और निजीकरण के विरोध में महात्मा गांधी के चित्र के आगे संकल्प लेंगे।