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अधिकारियों की अनशनकारियों से तीसरे दौर की वार्ता विफल

Tue, 15 Jan 2019 12:39 AM IST
Almora desk अमर उजाला ब्यूरो मौलेखाल (अल्मोड़ा)।
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जसपुर कोट के कटियाखाल में अनशनकारियों से वार्ता करती एसडीएम मोनिका। - फोटो : अमर उजाला
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 थला-मुनडा मोटर मार्ग से भीताकोट तक सड़क बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का  कटियाखाल में चल रहा क्रमिक अनशन 12वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को अनशनकारियों से वार्ता करने एसडीएम, लोनिवि, पीएमजीएसवाई के अधिकारी कटियाखाल पहुंचे। उन्होंने अनशनकारियों से सड़क बनाने के लिए छह माह का समय मांगा। आंदोलनकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्होंने शासन प्रशासन वापस जाओ के नारे लगाए। मांग को लेकर 17 जनवरी से आमरण अनशन करने का एलान किया। 
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वार्ता के दौरान लोनिवि के ईई ने अनशनकारियों से कागजात तैयार करने के लिए छह माह समय मांगा। पीएमजीएसवाई के ईई ने कहा कि गांव की आबादी 250 से अधिक होनी चाहिए तभी पीएमजीएसवाई के अंतर्गत सड़क बनायी जाती है। पीएमजीएसवाई के ईई की बात से ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों कहा कि गांव की आबादी 500 से भी अधिक है। क्रमिक अनशन में चांदनी भट्ट, हेमा गौड़, मुन्नी देवी, दीक्षा देवी, नीमा बैठे। समर्थन में अमित रावत, गुणानंद ध्यानी, उमेश चंद्र, गिरीश चंद्र, रेवती देवी, नमन उनियाल, सतीश चंद्र, गिरीश चंद्र, केशर सिंह, साधो सिंह, कैलाश गिरी, बबली रावत, ममता रावत, सुमित्रा देवी, आशा देवी, भागा देवी आदि ने धरना दिया।  

जनप्रतिनिधियों को भी खरी-खोटी सुनाई 
मौलेखाल। सल्ट की ब्लाक प्रमुख मुन्नी आर्या, क्षेत्र पंचायत सदस्य बरहलिया मीरा देवी अनशनकारियों को समर्थन देने पहुंचे थे लेकिन अनशनकारी उनको देखते ही भड़क उठे और उन्हें भी खूब खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने कहा कि आज आंदोलन को 12 दिन हो गए हैं लेकिन अब तक वह समर्थन देने क्यों नहीं आए। 
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