अल्मोड़ा। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) अल्मोड़ा को राजभाषा प्रोत्साहन सम्मान मिलेगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने समिति को उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशंसनीय श्रेणी में चयनित किया गया है। देशभर में संचालित 592 नराकासों में से 197 समितियों को इस वर्ष सम्मान के लिए चुना गया है।
नराकास अल्मोड़ा का अध्यक्ष कार्यालय विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) अल्मोड़ा है। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत समिति के अध्यक्ष और मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं प्रभारी राजभाषा अधिकारी रेनू सनवाल सदस्य सचिव हैं। उनके नेतृत्व में 31 सदस्य कार्यालयों ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, हिंदी के प्रगामी प्रयोग और राजभाषा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उल्लेखनीय कार्य किए हैं। राजभाषा विभाग की ओर से वर्षभर आयोजित बैठकों, कार्यशालाओं, हिंदी पखवाड़े, प्रतियोगिताओं तथा नराकास सूचना प्रबंधन प्रणाली पर समयबद्ध ऑनलाइन प्रविष्टियों के मूल्यांकन के आधार पर यह सम्मान प्रदान किया जाता है। सम्मान आगामी 14-15 सितंबर को नवी मुंबई स्थित सिडको प्रदर्शन केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा। 15 सितंबर को वीपीकेएएस की ओर से नराकास अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी कांत एवं सदस्य सचिव रेनू सनवाल सम्मान प्राप्त करेंगे। इस उपलब्धि पर संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के सभी सदस्य कार्यालयों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।